अजमेर में जल संरक्षण अभियान की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, 52 हजार कार्यों का लक्ष्य; अब तक 13 हजार की जियो-टैगिंग

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मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तीनों चरणों की समीक्षा, दिसंबर तक शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने का लक्ष्य
पहले चरण में लक्ष्य से अधिक 4100 कार्य पूरे, दूसरे और तीसरे चरण के कामों में तेजी लाने पर जोर
अजमेर। जिले में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला परिषद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तीनों चरणों और जल संचय जन भागीदारी अभियान 2026 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गौ माता को आश्रय स्थल योजना की डीपीआर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

जल संचय जन भागीदारी में 52 हजार कार्यों का लक्ष्य

बैठक में बताया गया कि जल संचय जन भागीदारी 2026 के तहत अजमेर जिले में कुल 52 हजार कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक लगभग 13 हजार कार्यों की पोर्टल पर जियो-टैगिंग की जा चुकी है। इस प्रगति के आधार पर राज्य स्तर पर अजमेर जिला फिलहाल 13वें स्थान पर है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए सभी संबंधित विभागों को अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, नगर निगम, नगर पालिकाओं तथा जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। अधिकारियों को जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से अधिक से अधिक जल संरक्षण कार्य करवाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के पहले चरण में लक्ष्य से अधिक काम

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के प्रथम चरण की समीक्षा में सामने आया कि जिले को 3503 कार्यों का लक्ष्य दिया गया था, जबकि अब तक 4100 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इस प्रकार प्रथम चरण में निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई है।

दूसरे चरण में 1200 और तीसरे चरण में 450 कार्य पूरे

अभियान के द्वितीय चरण में जिले के लिए 3200 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 2200 कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की गई हैं और 1200 कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

इसी तरह तृतीय चरण में 1500 कार्यों के लक्ष्य के मुकाबले राज्य सरकार ने 1342 कार्यों का अनुमोदन किया है। इनमें से 800 कार्यों की स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं तथा 450 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने द्वितीय एवं तृतीय चरण के शेष कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से प्रत्येक माह की कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार काम करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जल संरक्षण से संबंधित कार्य केवल कागजी प्रगति तक सीमित नहीं रहें, बल्कि धरातल पर भी उनकी प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित हो। निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विभागवार जिम्मेदारी तय करने, कार्यों की नियमित निगरानी करने और पोर्टल पर समयबद्ध जियो-टैगिंग करवाने पर जोर दिया गया।

बैठक में जलग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता दिलीप जादवानी, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के नोडल अधिकारी शलभ टंडन सहित वन, कृषि, सिंचाई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, उद्यान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।