कर्तव्य का महत्व अधिकारों से अधिक : प्रो. रिछपाल सिंह

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एबीआरएसएम उच्च शिक्षा राजस्थान
अजमेर। जीवन में कर्तव्यों का पालन अधिकारों से अधिक महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन करे, तो अधिकारों के लिए संघर्ष की आवश्यकता नहीं रह जाएगी, क्योंकि एक व्यक्ति का कर्तव्य ही दूसरे व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करता है। यह बात अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के प्रदेश महामंत्री प्रोफेसर रिछपाल सिंह ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान उच्च शिक्षा) की स्थानीय इकाई की ओर से सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कर्तव्य बोध दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही।

इस मौके पर उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि भारतीय संविधान में भी हमारी राष्ट्रीय परंपरा के अनुरूप ही नागरिक कर्तव्यों का उल्लेख किया है। महासंघ ने भी इसी भाव को ले कर अपने स्थायी कार्यक्रमों में कर्तव्य बोध दिवस को मनाने की परम्परा प्रारंभ की है । उन्होंने कुटुंब प्रबोधन पर चर्चा करते करते हुए परिवार की इकाई से राष्ट्रीय स्तर तक नागरिक कर्तव्य निर्वहन हेतु पाथेय प्रदान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर मनोज कुमार बहरवाल ने स्वामी विवेकानंद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्यों के पालन से ही सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता सहित अनेक संकाय सदस्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में इकाई सचिव डॉ. संजय तोमर द्वारा मुख्य वक्ता का श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में इकाई सह-सचिव डॉ. उमेश दत्त ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा मंच संचालन डॉ. सोहनलाल गोसाई ने किया।