अनिल अंबानी आरकॉम से जुड़े लगभग 3 हजार करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में सीबीआई के सामने पेश

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नई दिल्ली/मुंबई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए के कथित धोखाधड़ी के मामले में गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी से पूछताछ की।

इससे पहले आज अंबानी के एक प्रवक्ता ने बताया था कि अंबानी पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के लिए आज और कल पेश होंगे। उन्होंने कहा कि अंबानी की यह उपस्थिति सभी एजेंसियों के साथ सहयोग की उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

अंबानी आरकॉम को दिए गए कर्ज में कथित हेराफेरी, धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं की चल रही जांच के तहत सुबह सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। गौरतलब है कि सीबीआई के सामने उनकी यह पेशी उनके बड़े बेटे जय अनमोल अंबानी से एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले में छह घंटे तक हुई पूछताछ के कुछ दिनों बाद हुई है।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि व्यावसायिक कार्यों के लिए रखे गए धन का कहीं और इस्तेमाल किया गया था और ऋण के उपयोग के तरीके में भी अनियमितताएं पाई गई थीं। सीबीआई अपनी जांच में वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ धन के अंतिम उपयोग की जांच कर रही है।

आरकॉम द्वारा ऋणों को चुकाने में हुई चूक के बाद एसबीआई ने संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के बारे में शिकायत की थी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अंबानी को अपने रिलायंस समूह के भीतर कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का भी सामना करना पड़ रहा है। फरवरी में ईडी ने अपनी जांच के तहत मुंबई में उद्योगपति के 17 मंजिला लक्जरी अपार्टमेंट को जब्त कर लिया था।

ईडी ने 13 मार्च को एक कुर्की आदेश में कहा था कि उसने अनिल अंबानी की रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) की जांच के सिलसिले में 581.65 करोड़ रुपये की 31 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

ईडी के बयान के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में मुख्य रूप से गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में स्थित भूखंड शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई छह मार्च को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड से संबंधित एक अलग मामले में की गई छापेमारी के बाद हुई थी।

ईडी ने कहा था कि इससे पहले उसने आरसीएफएल, आरएचएफएल और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की थी। ताजा कार्रवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े मामलों में कुल कुर्की 16,310 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) और फेमा के तहत तलाशी के बाद सावधि जमा, म्यूचुअल फंड और नकद के रूप में 2.48 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज या जब्त की गई। ईडी के बयान के अनुसार, उसने फेमा की धारा 37ए के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में 77.86 करोड़ रुपए की शेष राशि भी जब्त की है।

गौरतलब है कि आरएचएफएल और आरसीएफएल ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिया था, जिसमें से 11,000 करोड़ रुपए से अधिक ऋण गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में बदल गए। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के खिलाफ ईडी की जांच जुलाई 2025 में सीबीआई द्वारा आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के प्रावधानों के तहत दर्ज कई प्राथमिकियों के आधार पर शुरू हुई थी। ये प्राथमिकी यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों के बाद दर्ज की गई थीं।