जयपुर। भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर आरोग्य भारती विद्याधर भाग की ओर से गुरुवार को अम्बाबाड़ी स्थित स्वास्तिक भवन, आदर्श विद्या मंदिर में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया गया।
समारोह के मुख्य वक्ता आरोग्य भारती जयपुर प्रांत के सह सचिव वैद्य महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। इसमें खानपान, दिनचर्या, ऋतुचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को विशेष महत्व दिया गया है।
मुख्य अतिथि प्रख्यात उद्योगपति अरुण अग्रवाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आरोग्य भारती जयपुर प्रांत के सह कोषाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा ने की। वक्ताओं ने भगवान धन्वंतरि को भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपरा का आराध्य बताते हुए उनके प्राकट्य दिवस के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर विचार रखे।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता को समझना जरूरी है। इन पद्धतियों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाकर इन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
समारोह के समापन पर उपस्थितजनों ने भारतीय चिकित्सा परंपरा को संरक्षित करने, आयुर्वेद एवं योग को जन-जन तक पहुंचाने और घर-घर आयुर्वेद का संदेश प्रसारित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर आरोग्य भारती विद्याधर भाग के संयोजक वैद्य रवीन्द्र गौतम, सह संयोजक वैद्य महेश प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष वैद्य जगदीश प्रसाद खांडल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।



