अजमेर। गंज घाटी की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन खोबरानाथ भैरव मंदिर में मेले को लेकर धार्मिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मंदिर पर ध्वज चढ़ाया गया। इसके साथ ही मेले के आयोजनों का विधिवत आगाज हो गया।
मंदिर में रविवार को अमावस्या के अवसर पर मेला आयोजित होगा। मेले को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े संस्था सचिव अशोक माथुर, राकेश राजोरिया, सीपी माथुर, सुरेंद्र माथुर और प्रेम शंकर सहित अन्य लोगों ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रबंधन ने सभी समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भैरवनाथ के दर्शन करने तथा मेले में भाग लेने की अपील की है।
खोबरानाथ भैरव मंदिर अजमेर के प्रमुख आस्था स्थलों में शामिल है। मंदिर को ‘शादी देव’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां दर्शन और पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेष रूप से विवाह की कामना लेकर अविवाहित युवक-युवतियां भी यहां पहुंचते हैं। मंदिर में दीपावली के अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की परंपरा रही है।
दर्शनार्थियों के लिए पार्किंग व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों को रामप्रसाद घाट के सामने निर्धारित स्थान पर पार्क कर सकेंगे। वहां से घाटी की ओर जाने वाली सीढ़ियों के रास्ते मंदिर तक पहुंचा जा सकेगा। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से पार्किंग व्यवस्था का पालन करने और आवागमन में सहयोग करने की अपील की है।



