गुवाहाटी। असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले असम संयुक्त मोर्चा (एएसएम) को बुरी तरह पछाड़ दिया है। इसके साथ ही, सोमवार को असम विधानसभा चुनावों की मतगणना में राजग लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की राह पर आगे बढ़ रहा है।
इस पूर्वोत्तर राज्य की सभी 126 सीटों से उपलब्ध रुझानों/ परिणामों के अनुसार, राजग ने 100 सीटों पर जीत हासिल कर ली है या वह आगे चल रहा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले असम संयुक्त मोर्चा) के उम्मीदवार 23 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रहे थे। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के दो उम्मीदवार और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी अपने विरोधियों पर बढ़त बनाये हुए थे।
राजग के घटक दलों में, भाजपा अकेले दम पर साधारण बहुमत हासिल करती दिख रही है, उसके उम्मीदवारों ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की है और 69 अन्य सीटों पर वे आगे चल रहे हैं। उसके गठबंधन सहयोगी, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने एक सीट जीती है और नौ अन्य सीटों पर वह आगे चल रहा है। असम गण परिषद (अगप) के उम्मीदवार आठ सीटों पर आगे चल रहे थे।
एएसएम खेमे में, कांग्रेस उम्मीदवार 20 सीटों पर आगे चल रहे थे, रायजोर दल दो निर्वाचन क्षेत्रों में आगे था, और तृणमूल कांग्रेस एक सीट पर आगे थी।जालुकबारी सीट से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की जीत की औपचारिक घोषणा की जानी है, क्योंकि वे अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिदिशा नियोग से 80,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे थे, जबकि अभी मतगणना के दो और दौर बाकी हैं।
जोरहाट में भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को 23,000 से अधिक वोटों से हरा दिया। गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस ने राज्य में चुनाव लड़ा था। राज्य की वित्त मंत्री और भाजपा नेता अजंता नियोग ने गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र से अपनी छठी जीत दर्ज की, उन्होंने कांग्रेस के बिटुपन सैकिया को लगभग 44,000 वोटों के अंतर से हराया।
मतगणना के कुल 20 दौरों में से अभी चार दौर बाकी हैं, और रायजोर दल के प्रमुख तथा सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई सिबसागर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे आगे चल रहे थे। बिन्नाकांडी में, रायजोर दल के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने असम जातीय परिषद (एजेपी) के रेजाउल करीम चौधरी पर 30,000 वोटों की बढ़त बना ली है। एजेपी के लिए एक और बुरी खबर थी, क्योंकि उसके प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई भी पीछे चल रहे थे।
भाजपा के नेतृत्व वाला राजग पहली बार असम में 2016 में सत्ता में आया था और 2021 में भी राज्य में अपनी सत्ता बनाये रखी। सरबानंद सोनोवाल ने 2016 से 2021 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, वहीं हिमंत बिश्व सरमा 2021 से इस पद पर हैं। असम के सभी विधानसभा क्षेत्रों में नौ अप्रैल को मतदान हुआ।



