अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुकेश फौजी अरेस्ट, पुलिस पूछताछ में जुटी

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भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे मुकेश फौजी को गिरफ्तार कर लिया है। 11 अक्टूबर को भौंडा गांव स्थित क्रशर प्लांट पर हुए खूनी संघर्ष के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को वैर थाने लाया गया, जहां उससे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुकेश फौजी के करौली जिले में होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और धौलपुर की ओर निकलने से पहले उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे वैर थाना लाया गया। पुलिस अधिकारी उससे हत्या की वजह, घटनास्थल पर मौजूद लोगों और वारदात में अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।

पांच दिन से फरार था मुकेश फौजी

पूर्व विधायक की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। मुकेश फौजी लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस ने उसकी तलाश में उसके परिजनों और रिश्तेदारों के संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी थी। अब उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

इससे पहले पुलिस इस मामले में कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर, कुंवर सिंह गुर्जर और बलजीत समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, मामले में नामजद सभी आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

क्रशर प्लांट के विवाद में हुई थी हिंसा

अतर सिंह भड़ाना की हत्या का मामला भौंडा गांव में क्रशर प्लांट और खनन गतिविधियों से जुड़े पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। 11 अक्टूबर की शाम भड़ाना अपने समर्थकों के साथ क्रशर साइट पर पहुंचे थे। वहां ग्रामीणों के साथ विवाद बढ़ने के बाद स्थिति हिंसक हो गई और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल भड़ाना को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

मामले की जांच में पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि घटनास्थल पर विवाद किस वजह से शुरू हुआ और हमले की पहले से कोई योजना बनाई गई थी या नहीं। घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। एक सामने आए सीसीटीवी फुटेज में कथित हमलावरों के बीच गैस सिलेंडर में आग लगाने की बात सुनाई देने का दावा किया गया है। पुलिस इसकी वास्तविकता और संदर्भ की जांच कर रही है।

70-80 लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मामला

पूर्व विधायक की पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया था। पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

राजस्थान सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद भौंडा गांव में प्रशासन की ओर से कथित अतिक्रमणों को चिह्नित करने और कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुकेश फौजी के परिजनों से जुड़े मकान के दस्तावेजों को लेकर भी प्रशासन ने नोटिस जारी किया है।

मुख्य आरोपी से पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

मुकेश फौजी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। पूछताछ में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि हत्या से पहले किन लोगों के बीच संपर्क हुआ, घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था और वारदात में किसकी क्या भूमिका रही।

पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद हत्याकांड की पृष्ठभूमि और कथित साजिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही फरार चल रहे अन्य आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिलने की संभावना है।