औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा

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औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में डेढ़ वर्ष से लापता एक शख्स को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस तीन दिन बाद वह जिंदा घर लौट आया। शख्स को सामने खड़ा देख परिजनों और ग्रामीण हैरान रह गये। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि सैदपुर निवासी कमल सिंह (40) का लगभग डेढ़ साल पहले अपनी पत्नी सुनीता से जमीन बेचने और पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था। तकरार के बाद पत्नी ने शर्त रखी थी कि जब तक पैसों का इंतजाम न हो, वह वापस न आए। इससे नाराज होकर कमल बिना बताए कहीं चला गया।

काफी तलाश के बाद जब कमल का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद परिवार का गुजारा करने के लिए सुनीता नोएडा में एक निजी नौकरी करने लगी।

गत 22 जुलाई को पुलिस को एक जर्जर खंडहर से बेहद सड़ी-गली हालत में एक लावारिस लाश मिली। शव काफी क्षत-विक्षत था। कपड़ों और शारीरिक बनावट को देखकर कमल के भाई दशरथ ने उसकी शिनाख्त अपने भाई के रूप में कर दी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद परिजनों ने रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।

अंतिम संस्कार के बाद पत्नी सुनीता ने जब अपना पुराना मोबाइल चालू किया, तो उसमें कई अनजान नंबरों से कॉल आई हुई थीं। जब सुनीता ने उन नंबरों पर संपर्क किया, तो इटावा के एक नंबर पर दूसरी तरफ उसके पति कमल की आवाज थी।

जब सुनीता ने रोते हुए बताया कि पूरा गांव तो उसे मरा समझकर अंतिम संस्कार भी कर चुका है, तो कमल सन्न रह गया। वह शनिवार रात करीब 10 बजे सीधे अपने गांव सैदपुर पहुंचा। उसे सही-सलामत देखकर परिजनों की खुशी और हैरानी का ठिकाना न रहा।

कमल ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह ग्वालियर और पानीपत में मजदूरी कर रहा था। ग्वालियर में प्लंबिंग का काम करते समय वह सीढ़ी से गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया था। इसके बाद उसने घर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नंबर ब्लॉक होने के कारण उसकी बात नहीं हो पा रही थी।

इस पूरी घटना के बाद अजीतमल पुलिस के सामने बड़ी अजीब स्थिति पैदा हो गयी है। पुलिस ने कमल के जीवित होने का लिखित बयान दर्ज कर लिया है। अजीतमल क्षेत्राधिकारी मनोज गंगवार ने बताया कि अब सबसे बड़ा सवाल उस अज्ञात शव की असली शिनाख्त का है, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अब नए सिरे से जांच में जुट गई है कि वह शव किसका था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।