जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा है कि संवाद, संपर्क और समर्पण संगठन कर्ता की असली पहचान है। यह बात उन्होंने भारतीय किसान संघ के प्रदेश कार्यालय पर रविवार को महानगर के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन से समर्पण, संपर्क से संबंध, संबंध से संगठन और संपर्क और संवाद से कम होगी व्यक्तिशः दूरिया। समाज-जागरण के लिए हमें उन्हीं सिद्धांतों का प्रतिपादन करना पड़ेगा, जो कि समाज की प्रकृति के समान अनादि, शाश्वत और अनंत हों। जिस प्रकार कर्म के साथ ज्ञान के बिना कर्म अधूरी प्रक्रिया है, उसी प्रकार शक्ति में सत्वगुण हुए बिना उसका प्रभाव विनाशकारी होगा।
सभी कार्यकर्ताओं को लोगों से संवाद कर संगठन की कार्यपद्धति, सेवा कार्यों और सामाजिक समरसता के संदेश को पहुंचाया जाए। सेवा ही संगठन की पहचान और राष्ट्रहित सर्वोपरि एवं राष्ट्रहित की चौखट में किसान हित की भावना से ही किसान समाज का हित ही हम सभी का संकल्प होना चाहिए।



