भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा में चित्तौड़गढ़ राष्टीय राजमार्ग पर स्थित महादेव होटल में चोरी के शक में एक युवक शंकर सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में गुरुवार को दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा।
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन करने के बाद आक्रोशित परिजन और समाज के सेकड़ों लोग कलेक्टरेट पहुंचे, जहां जमकर नारेबाजी की गई। बाद में दोपहर में कलेक्टर द्वारा उचित मुआवजे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के ठोस आश्वासन के बाद परिजन सहमत हुए। इसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए शव सौंपा और पैतृक गांव रवाना हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह से ही शवगृह के बाहर माहौल गर्माया हुआ था। कई दौर की बातचीत के विफल होने के बाद दोपहर में आक्रोश की लहर कलेक्टरेट तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोगों ने कलेक्टरेट का घेराव किया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजनों का कहना था कि शंकर परिवार का इकलौता सहारा था, जिसे बेगुनाह होने के बावजूद होटल संचालकों ने अपनी हैवानीयत का शिकार बनाया। इस पर कलेक्टर और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि घटना में नामजद सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। सरकारी प्रावधानों के अनुसार परिवार को अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया गया।
मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा देने के बाद परिजन शवगृह पहुंचे जहां मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम को शंकर का शव उसके गांव पहुंचा और मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।



