अलवर। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री एवं अलवर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि रीट, आरएएस और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामलों के बड़े आरोपी और बीज घोटाले के शेष दोषियों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वह जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि माफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है।
रविवार को अलवर के नवीन सूचना केंद्र में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित 12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह प्रदर्शनी लगाई गई है।
नकली बीज मामले में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि इस मामले में उनका सुई की नोक के बराबर भी लेना-देना साबित हो जाए तो वह तत्काल मंत्री पद छोड़ देंगे और स्वयं को कानून के हवाले कर देंगे। उन्होंने कहा कि जुगल किशोर की गिरफ्तारी उनकी सूचना के आधार पर हुई थी और वह यह स्वीकार करते हैं कि वह व्यक्ति उन्हें नकली खाद-बीज की सूचनाएं देता था, लेकिन मामले में लेने वाले और देने वाले दोनों पक्षों पर कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि एसीबी रिपोर्ट में डॉक्टर और मंत्री शब्दों का उल्लेख किया गया है, लेकिन उसका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या कांग्रेस का कोई भी नेता उनके खिलाफ प्रमाण प्रस्तुत कर दे तो वह तत्काल इस्तीफा दे देंगे।
डॉ. मीणा ने कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार से चिड़ है और वह इसके खिलाफ कई आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन का आंदोलन किया। पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ लगातार संघर्ष किया था।
डा मीणा ने कहा कि उनके कहने पर बीज निगम के निदेशक को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया, एक विधायक के पीए और पार्टी के एक पदाधिकारी से जुड़े व्यक्ति पर भी कार्रवाई हुई। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के दबाव में किसी भी आरोपी को नहीं छोड़ा जाएगा।
डा मीणा ने कहा कि रीट और आरएएस पेपर लीक मामलों के कई बड़े आरोपी अब भी गिरफ्तारी से बाहर हैं। इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वह बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र के खिलाफ है।
नकली बीज मामले पर डा मीणा ने कहा कि जब्त किए गए बीजों का प्रयोगशाला में प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जा रहा है। नमूना फेल होने पर प्राथमिकी दर्ज करके बीज नष्ट कर दिए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार भजनलाल सरकार के कार्यकाल में नकली खाद, बीज के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। इसके आधार पर केंद्र सरकार भी सख्त कानून लाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें दोषियों के लिए 10 से 20 लाख रुपए तक का जुर्माना और सात से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान हो सकता है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के भर्तृहरि नहीं जाने के सवाल पर डॉ. मीणा ने कहा कि भर्तृहरि क्षेत्र से उनका विशेष लगाव है और सड़क की समस्या का समाधान कराया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्र में कुछ होटल संचालकों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरिस्का क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर डा मीणा ने कहा कि सभी मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता टीकाराम जूली से जुड़े अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया।



