
सबगुरु न्यूज -जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने लगभग 20 लाख निवेशकों से जुड़े बहुचर्चित आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड घोटाले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने नौरतमल कुमावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोसायटी से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान और निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
राजस्थान की प्रमुख क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी से जुड़ इस मामले के निवेशक लंबे अर्से से अपनी मेहनत की कमाई को पाने के लिए परेशान थे। 2018 में उजागर हुआ यह घोटाला लगभग 25,000 करोड़ रुपये का है। जिसमें 10,000 करोड़ रुपये मूलधन और 15,000 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। साल 2018 से करीब 20 लाख छोटे निवेशक, जमाकर्ता और पेंशनभोगी अपने पैसे वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
केन्द्र सरकार से मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट की धारा 122 के तहत समिति को वित्तीय, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की अपेक्षा की गई है। साथ ही आदर्श क्रेडिट के पूर्व प्रबंधन एवं पदाधिकारियों ने अदालत को निवेशकों की राशि लौटाने में समिति को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है। अदालत ने दिनांक 9 जुलाई को सिरोही के भूमि खसरा संख्या 1052 एवं अन्य सभी संपत्तियों की यथास्थिति बनाये रखने के आदेश को यथावत रखा है।
समिति की अध्यक्षता पूर्व CJI संजीव खन्ना करेंगे और समिति की पहली बैठक 5 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें आधिकारिक परिसमापक श्री एच.एस. पटेल प्रारंभिक विवरण और दस्तावेज को सौंपेंगे. इस वाद में माननीय न्यायालय में जमाकर्ताओं के संगठन NCCMWS द्वारा पैरवी की गई थी।


