कभी स्पा तो कभी थाने से वसूली, सिरोही BJP नेताओं के निशाने पर आई भाजपा सरकार और संगठन

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सिरोही जिले के शिवगंज में गोवंश का कटा हुआ सर मिलने के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित करते भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश बिंदल।

सबुगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही भाजपा और प्रदेश की भजनलाल सरकार तथा उनका प्रशासन विपक्ष से ज्यादा अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ रहा है। पहले तेजराज सोलंकी ने स्पा और शराब वालो द्वारा जिला भाजपा के संचालन का आरोप लगाया था, फिर भाजपा प्रदेश संगठन के विशेष आमंत्रित सदस्य वीरेंद्रसिंह चौहान ने भी इसी मुद्दे पर पोस्ट करके संगठन को घेरा। अब भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश बिंदल ने जिले के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों पर थानों से वसूली के आरोप लगाए हैं। सरकारी तंत्र के भाजपा के ही निशाने पर आने पर सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी बहती गंगा में फिर से हाथ धोते हुए भजनलाल सरकार में फैली अव्यवस्थाओं को निशाने पर ले लिया।

जिले के प्रमुख व्यावसायिक शहर में 28 अप्रैल को गौवंश का कटा हुआ सिर पड़ा हुआ मिला। इसकी सूचना मिलने के बाद वहां आक्रोश फैल गया। लोगों में गुस्सा छा गया। इसके आरोपियों को पकड़ने के लिए निरंतर ज्ञापन और प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी के तहत शिवगंज बाजार में सभा का आयोजन किया गया। इसी सभा में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश बिंदल ने इस घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने सिरोही जिले के सत्ताधारी नेताओं के साथ प्रशासन और पुलिस पर भी अपना गुस्सा निकाला। इस आक्रोश में उन्होंने ये आरोप तक लगा दिया कि जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक सिर्फ थाने से पैसे लेने के लिए ही हैं क्या? इसके बाद जिले की सियासत में फिर से हड़कंप मच गया। सिरोही भाजपा में मंत्री, सांसद और जिलाध्यक्ष के प्रति संगठन में पहले भी असंतोष सामने आता रहा है।

सिरोही से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान के द्वारा अवैध कारोबार के संबंध में साधा गया निशाना।

भाजपा नेता के द्वारा ही फिर से स्थानीय नेताओं और प्रशासन को निशाने पर लेने के बाद कांग्रेस को भी फिर से भजनलाल सरकार और भाजपा को फिर से घेरने का मौका मिल गया।

पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के नेता भी अपनी ही सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। लोढ़ा ने आरोप लगाया कि जिले में दारू माफिया, बजरी माफिया और भूमि माफिया सक्रिय हैं और प्रशासन की कमजोरी के चलते इनके हौसले बुलंद हैं।

उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस वर्ष 200 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिक्री ऑन रिकॉर्ड दिखाई जा रही है, जबकि वास्तविकता में अवैध शराब की तस्करी गुजरात तक हो रही है। इसके साथ ही लोढ़ा ने पोसालिया चौकी प्रभारी समय सिंह गुर्जर को लाइन हाजिर किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारी को तुरंत हटाया जाना प्रभावशाली लोगों के दबाव को दर्शाता है।