भाजपा पहली बार करेगी राज्य सरकार का नेतृत्व
पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के नये मुख्यमंत्री होंगे। यह पहला मौका है जब बिहार में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बन रही है।
चौधरी बुधवार को सुबह 10:50 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के कुछ नेताओं के भी मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है।
चौधरी को मंगलवार को दिन में सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया और उसके बाद राजग के घटक दलों के सभी विधायकों की बैठक में भी उन्हें नेता चुना गया। उन्होंने शाम को राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल (सेवानिवृत्त) अता हसनैन से मिल कर राजग के विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा और नयी सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार कर उन्हें नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।
नये मुख्यमंत्री बनने जा रहे चौधरी के साथ राज्यपाल से भेंट के दौरान बिहार प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तथा अन्य नेता मौजूद थे।
इससे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से भेंट कर उन्हें अपनी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा प्रस्तुत किया। राज्यपाल से मुलाकात करने से पहले कुमार ने राज्य सचिवाय में आज सुबह अपने मंत्रिमंल की अंतिम बैठक बुलाई थी। बैठक में उन्होंने राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के अपने निर्णय की जानकारी दी तथा अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग देने के लिए सभी मंत्रियों तथा अधिकारियों आभार जताया।
इस दौरान बैठक में लोग भावुक हो गए थे। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने उनके नेतृत्व की सराहना की और राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
बिहार में गत नवंबर में विधान सभा चुनाव में राजग की भारी सफलता के बाद गठित नितीश कुमार मंत्रिपरिषद में चौधरी को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। उसके साथ भाजपा विजय सिन्हा को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इस घटनाक्रम के साथ ही राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील गिने जाने वाले राज्यों में से एक बिहार में करीब दो दशक तक सत्ता की धुरी रहे नीतीश कुमार का दौर बीत गया है।
कुमार ने राज्य सभा का सदस्य चुने जाने के बाद पिछले सप्ताह सदन की सदस्यता की शपथ ले ली है। सुशासन बाबू के नाम से लोकप्रिय कुमार का राज्य के अलावा केंद्र सरकार में भी मंत्री के रूप में काम करने का बड़ा अनुभव रहा है। वह पहले लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं और पहली बार राज्यसभा में गये हैं।



