अजमेर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन, वरुण सागर रोड पर आयोजित राजयोगी किड्स समर कैंप के अंतर्गत बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आध्यात्मिक जागरूकता एवं नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रेरणादायक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों एवं ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मोटिवेशनल स्पीकर दीपिका, योगाचार्य लक्ष्मण सिंह, स्पोर्ट्स फाउंडेशन के संस्थापक अशोक चौरसिया, सेवा केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी इंदिरा बहन एवं ब्रह्माकुमारी गीतू बहन द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर मोटिवेशनल स्पीकर दीपिका ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बचपन में प्राप्त संस्कार, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही भविष्य की सफलता की मजबूत नींव बनते हैं। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, परिश्रम और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
योगाचार्य लक्ष्मण सिंह ने योग एवं ध्यान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और एकाग्र रहता है। योग बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ उन्हें मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है।
स्पोर्ट्स फाउंडेशन के संस्थापक अशोक चौरसिया ने कहा कि खेल, योग और आध्यात्मिकता का समन्वय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। खेल बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास करते हैं, जबकि आध्यात्मिक शिक्षा उन्हें नैतिक मूल्यों एवं जीवन की सही दिशा से जोड़ती है।
सेवा केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी इंदिरा बहन ने आत्मज्ञान का महत्व बताते हुए कहा कि आत्मा ही शरीर की वास्तविक संचालक शक्ति है। उन्होंने बच्चों को स्वयं को आत्मा स्वरूप समझकर श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने तथा राजयोग ध्यान के माध्यम से परमात्म शक्ति से जुड़ने का संदेश दिया।
ब्रह्माकुमारी गीतू बहन ने बच्चों को अच्छे व्यवहार, नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर शांति, एकाग्रता और आनंद की अनुभूति की।
समर कैंप का उद्देश्य बच्चों में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अंत में अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया तथा बच्चों को जीवन में योग, आध्यात्मिकता और श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाकर आदर्श नागरिक बनने का संदेश दिया गया।




