-राज्यसभा में प्रतिनिधित्व और संगठन में भागीदारी की उठाई मांग
पुष्कर। कांग्रेस संगठन और सत्ता में माली समाज की कथित उपेक्षा को लेकर समाज के नेताओं और प्रबुद्धजनों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। पुष्कर स्थित अखिल भारतीय मालियान धर्मशाला में आयोजित बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पर संगठनात्मक नियुक्तियों में माली समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस द्वारा हाल ही में की गई जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों में माली समाज को कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उनका आरोप था कि प्रदेश में एक भी जिला अध्यक्ष माली समाज से नहीं बनाया गया, जबकि समाज का कांग्रेस संगठन और जनाधार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के कार्यकाल में संगठनात्मक पदों पर सामाजिक संतुलन बनाए रखने के बजाय एक विशेष वर्ग को अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समावेशी प्रतिनिधित्व की कांग्रेस की मूल विचारधारा के विपरीत बताते हुए चिंता जताई।
बैठक में यह भी कहा गया कि पूर्व में कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष माली समाज के योग्य और अनुभवी व्यक्तियों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की मांग रखी गई थी, लेकिन उस पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इससे समाज में असंतोष और उपेक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
प्रबुद्धजनों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और सामाजिक न्याय की बात करती रही है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में माली समाज स्वयं को संगठनात्मक ढांचे से अलग-थलग महसूस कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो प्रदेशभर में इस मुद्दे को उठाया जाएगा और राष्ट्रीय नेतृत्व तक समाज की बात पहुंचाई जाएगी।
समाज के भाजपा समर्थित लोगों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड से भी मिलकर माली समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि कांग्रेस पार्टी आगामी राज्यसभा चुनाव में माली समाज के किसी योग्य, वरिष्ठ और अनुभवी नेता को उम्मीदवार बनाकर समाज को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्रदान करे। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि समाज का एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर संगठन में प्रतिनिधित्व और उपेक्षा से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सभी समाजों को उनकी भागीदारी, योगदान और जनसंख्या के अनुरूप संगठन एवं सत्ता में सम्मानजनक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे न केवल सामाजिक समरसता को बल मिलेगा, बल्कि संगठन भी अधिक मजबूत और व्यापक बनेगा।
बैठक में अखिल भारतीय मालियान समाज धर्मशाला के अध्यक्ष सत्यनारायण भाटी, मंगनी राम, महेश चौहान, बलदेव राम कच्छावा, कैलाश चौहान, हेमराज सिसोदिया, नितेश सांखला, ताराचंद टांक, योगेश गहलोत, सोहनलाल पंवार, जीएसएस की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष एडवोकेट बबिता टांक, विजय सिंह मौर्य समेत बडी संख्या में गणमान्यजन मौजूद रहे।



