स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम् का अनादर करने को लेकर देश से माफी मांगे कांग्रेस : भाजपा

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर देश की आजादी के दिन राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का अपमान करने का आरोप लगाते हुए देश से माफी मांगने की मांग की है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि आज पूरा देश उत्साह, जोश और खुशी के साथ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आज का स्वतंत्रता दिवस के साथ एक और उपलब्धि जुड़ गई है। आज पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया गया, लेकिन आज के ही दिन कांग्रेस पार्टी ने इस गीत का अनादर किया।

उन्होंने कहा कि हमने आज कांग्रेस मुख्यालय में एक बहुत ही अजीब विडंबनापूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखा। कांग्रेस कार्यालय में जब ‘वंदे मातरम्’ गीत गाया जा रहा था, ठीक उसी समय कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बहुत ही अजीब और आपत्तिजनक तरीके से अनादर करते हुए आपस में बातचीत करते और किसी को बुलाते हुए दिखाई दिए।

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति उन्हें कुछ बताने के लिए उनके पास आ भी रहा था और वे आपस में इशारे कर रहे थे। यह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान है और इससे करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी शायद अभी भी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर पाई है।

त्रिवेदी ने कहा कि हम कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस आचरण की निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कांग्रेस पार्टी इसके लिए देश से माफी मांगेगी और स्पष्टीकरण देगी कि उन्होंने ऐसा व्यवहार क्यों किया? उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस ऐसा नहीं करती है, तो यह संविधान के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा, स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके सम्मान और करोड़ों भारतीयों के मान-सम्मान और गरिमा में उनके विश्वास पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का युगांतरकारी गीत को गाते हुए लाखों लोगों ने लाठियां और गोलियां खाईं, हजारों लोग फांसी के फंदे पर झूले और जिसे कांग्रेस ने सत्ता की सुविधा और सत्ता-लोलुपता की राजनीति के चलते तुष्टीकरण और कट्टरपंथी ताकतों के आगे बलि चढ़ा दिया और इसे घटाकर केवल एक-चौथाई कर दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह पहला स्वतंत्रता दिवस है जब ‘वंदे मातरम’ को उसके पूर्ण रूप में गाया गया।