नई दिल्ली। देशभर के बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर बातचीत आगे बढ़ी है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के साथ मिलकर एक उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित की है। यह समिति बैंकों में शेष शनिवार को भी अवकाश घोषित करने और पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के व्यावहारिक विकल्पों पर विचार करेगी।
29 सितंबर को गठित समिति में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी-अधिकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। बैंक ऑफ इंडिया के एमडी एवं सीईओ रजनीश कर्नाटक को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा वैकल्पिक अध्यक्ष होंगे। आईबीए की ओर से इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार सहित अन्य वरिष्ठ बैंक अधिकारी भी समिति में शामिल हैं।
समिति के गठन का रास्ता 27 सितंबर को आईबीए और यूएफबीयू के बीच हुई बातचीत के बाद साफ हुआ। पांच दिवसीय बैंकिंग समेत विभिन्न मांगों को लेकर बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन बातचीत में प्रगति के बाद इसे स्थगित कर दिया गया।
फिलहाल देश में बैंक प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को सामान्य कामकाज होता है। कर्मचारी संगठन सभी शनिवार को अवकाश देकर सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले पांच दिवसीय व्यवस्था लागू करने के बदले प्रतिदिन कामकाज का समय करीब 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आया था। अब गठित समिति इस व्यवस्था के अन्य विकल्पों पर भी विचार करेगी और विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर ऐसा समाधान तलाशेगी, जो बैंक कर्मचारियों, प्रबंधन और ग्राहकों के लिए व्यावहारिक हो।
पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर यूएफबीयू ने 11 सितंबर को भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी। यूनियनों का कहना है कि इस मुद्दे पर मार्च 2024 के द्विपक्षीय समझौते और जॉइंट नोट के दौरान सहमति बनने के बावजूद अंतिम क्रियान्वयन लंबित है।
हालांकि समिति का गठन होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी शनिवार की छुट्टी तत्काल लागू हो गई है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने के लिए आगे की प्रक्रिया और आवश्यक सरकारी मंजूरी अभी बाकी है। समिति की सिफारिशों और सरकार के फैसले के बाद ही नई व्यवस्था की तस्वीर स्पष्ट होगी।



