रामझरोखा मंदिर जमीन मामले में भाजपा की प्रतिक्रिया, अति उत्साह या सेल्फगोल

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सिरोही में 9 दिसंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन पर चर्चा करते सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। रामझरोखा मंदिर की जमीनों को खुर्दबुर्द करने का मामला सिरोही जिले के लिए जज्बातों से जुडा मुद्दा है। इसकी जमीन को निजी स्कूल को 99 साल की लीज पर लिख देने और इसकी 18 हजार 614 वर्गफीट जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच देने का मामला तूल पकड लिया है।

कांग्रेस ने 9 दिसम्बर को भाजपा के खिलाफ अपने प्रदर्शन में जनसमस्याओं के अन्य मुद्दों के साथ इस मुद्दे को भी शामिल किया। अपने प्रेस नोट या वीडियो संदेश में कहीं भी संयम लोढा ने उस निजी विद्यालय का नाम नहीं लिया जिसने 99 साल की लीज करवाई थी। इसे लेकर भाजपा सिरोही नगर मंडल अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया जारी करके कांग्रेस के धरने को आदर्श विद्या मंदिर के खिलाफ धरना करार दे दिया।

अब खुद भाजपाई ही ये सवाल उठा रहे हैं कि किसी समाचार में कहीं कांग्रेस ने किसी संस्थान का नाम ही नहीं लिया। ऐसे में सिरोही नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष को इस धरने का विरोध जताने के लिए लोढा पर आरएसएस के प्रकल्प विद्याभारती की आदर्श शिक्षा समिति के आदर्श विद्या मंदिर की खिलाफत का आरोप लगाने की जरूरत कहां पडी थी।

सिरोही में 9 दिसम्बर को कंाग्रेस का बडा प्रदर्शन है। इसमें आम जन की समस्याओं के साथ में रामझरोखा मंदिर की जमीन को निजी स्कूल को लीज पर देने और इसी जमीनों को दूसरों को बेच देने का मुद्दा भी शामिल हैं। संयम लोढा ने इसके संबंध ली जाने वाली बैठकों के प्रेसनोट में कहीं भी ये खुलासा नहीं किया था कि आखिर वो निजी स्कूल है कौनसी जिसने मंदिर की जमीन को अपने नाम से 99 साल के लिए लिखवा लिया था।

कांग्रेस का ये प्रदर्शन 9 दिसम्बर को होगा। इसके लिए नौ दिसम्बर की सुबह 10 बजे से सिरोही के अहिंसा सर्किल पर एकत्रिकरण होगा। आम तौर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष से लेकर कोई भी मंडल अध्यक्ष या कार्यकारिणी संयम लोढा के भाजपा या आरएसएस पर निशाना साधने पर प्रतिक्रिया देते ही नहीं है। इसका विरोध खुद भाजपा कार्यकर्ताओं में कई महीनों से चल रहा है।

भाजपा कार्यकर्ता संगठन की हास्यास्पद स्थिति के बारे मे चुटकियां लेते हैं कि जिला प्रवक्ता तक अपने पोडकास्ट में ट्रम्प, राहुल गांधी, की बात कर ले रहे हैं लेकिन, इंस्टाग्राम पर उनके द्वारा पोस्ट की गई पोडकास्ट की क्लीपों में कहीं भी संयम लोढा की खिलाफत की क्लीप नहीं दिखी। भाजपा के में ही ये माना जा रहा है कि नगर मंडल की प्रतिक्रिया आ बैल मुझे मार वाली स्थिति पैदा कर रहा है। जब लोढा ने विद्यालय का नाम लिया ही नही ंतो फिर लोढा के प्रदर्शन को आदर्श विद्या मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन बताकर इस विवाद में इस विद्यालय का नाम घसीटने की जरूरत कहां थी। अब भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। जिसमें भाजपा को घेर लिया गया है।

सिरोही भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष चिराग रावल एवं यूथ कॉन्ग्रेस प्रदेश सचिव राहुल पुरोहित।

-भाजपा मंडल अध्यक्ष ने बताया था सनातन विरोधी 

भाजपा सिरोही मंडल के नगर अध्यक्ष चिराग रावल ने प्रेसनोट जारी करके कहा कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सनातन धर्म के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर धरना प्रर्दशन की चेतावनी दी है इसका भाजपा नगर मंडल सिरोही पुर जोर शब्दो में निंदा करता है। रावल ने लिखा कि पूर्व विधायक सनातन धर्म के विरोध में बार बार अनर्गल शब्द और बार बार सनातने धर्म का विरोध करते है जो उचित नही है।

रावल अपने प्रेसनोट में आगे लिखते हैं कि आदर्श विद्या मंदिर पिछले 30 वर्षों से रामझरोखा परिसर में विद्या मंदिर में निर्विवादित चल रहा है जिसका समय-समय पर भवन किराया,लाइट बिल भरा जा रहा है। इस विद्यालय परिषद के लिए आज तक किसी सनातनी को कोई विरोध नहीं है। विद्यालय में सारे सनातनी बालक पढ़ते हैं पूर्व विधायक इसका बार-बार विरोध करते है। उन्होंने लिखा कि प्राचीन परंपरा के अनुसार एक मंदिर के साथ गुरुकुल की परंपरा रही है। विद्या मंदिर आज के युग में आधुनिक गुरुकुल है जिसमें देश के लिए सेवा निधि प्रतिवर्ष पचास लाख रुपए सग्रह करके अभाव ग्रस्त लोगों के लिए भेजते हैं। देश का अच्छा वातावरण बन रहा है इसमें विद्या मंदिर के बालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

-कांग्रेस ने भाजपा को बताया भगवा व्यापारी

सिरोही भाजपा नगर मंडल के अध्यक्ष की प्रतिक्रिया पर यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव राहुल पुरोहित ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेताओं पर सनातन धर्म की आड़ में सम्पति के सौदागरो ओर वसीयत खाऊ प्रशाशन को बचाने का आरोप लगा रही है। पुरोहित ने आरोप लगाया कि सिरोही शहर में स्थित रामझरोखा मंदिर की बेशकीमती भूमि को भाजपा नेताओं के सरंक्षण से बेच दिया गया है। सिरोही शहर में स्थित श्री राम लक्ष्मण मंदिर व रामझरोखा मंदिर की ट्रस्ट बनी हुई है। इन मंदिरो की भूमि देवस्थान विभाग जोधपुर के अंतर्गत है।

प्रतिक्रिया में कहा कि पिछले कुछ दिनों से ध्यान में आया है कि रामझरोखा मंदिर की भूमि को 99 वर्षो की लीज पर एक निजी स्कूल को पट्टा हस्तान्तरित कर दिया गया है। वहीं मंदिर की भूमि के वाणिज्य पट्टे बनवाकर करोड़ो रुपये में मंदिर की भूमि को बेचा गया है। देवनगरी सिरोही के पावन मंदिरो की भूमि को धन के लालच में इस तरह से प्रशासन व नेताओं की मिलीभगत से किया गया यह कृत्य सनातन विरोधी, समाज विरोधी व कानून विरोधी है।

इसमें बताया गया कि आगामी 9 दिसंबर को इन मुद्दों को लेकर शहर के हक में पैदल मार्च निकाला जायेगा। जिसे लेकर भाजपा पदाधिकारियो व नेताओं में बौखलाहट है। इसलिए इनका नगर मंडल पूर्व विधायक के बारे में भ्रम फैला रहा है। ताकि सिरोही भाजपा एक बार फिर झूठ के सहारे शहर की जनता को भ्रमित कर सके और असलियत को छिपाया जा सके।

उन्होने आरोप लगाया कि राज्य व देश में भाजपा की डबल इंजन सरकार के समय मंदिरो की भूमि का भूमाफिया द्वारा प्रशासन व नेताओं के मिलीभगत से बहुत ही शर्मनाक कार्य हुआ है। मंदिर की वसीयत में लिखा गया है की उनके चेले इस मंदिर की भूमि का उपभोग कर सकते है। लेकिन कानून से विपरीत इस भूमि के एक भाग को स्कूल को हस्तान्तरित कर दिया व एक भाग को वाणिज्य दुकान पट्टे काटे गए जो नियम विरुद्ध है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।