मुंबई। अभिनेत्री और मॉडल राशिका माथुर का कहना है कि वह एक ही छवि तक सीमित नहीं रहना चाहती हैं।
राशिका माथुर अपने नए किरदार दीपाली दीक्षित के साथ मिस्टर एंड मिसेज परशुराम में अपनी ऑन-स्क्रीन छवि को एक नई दिशा दे रही हैं। इससे पहले नेगेटिव लीड निभा चुकी राशिका के लिए यह एक मजबूत और सकारात्मक किरदार उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस शो को चुनने के पीछे उनकी सबसे बड़ी वजह खुद को नए रूप में तलाशना और टाइपकास्ट होने से बचना था।
अब पहली बार एक पॉजिटिव और मातृत्व से जुड़ा किरदार निभाते हुए राशिका मानती हैं कि यह उनके लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास का भी अनुभव रहा। अपने सफर और चुनावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं कभी नहीं चाहती कि लोग मुझे एक ही तरह के किरदार में बांध दें। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि रोल पॉजिटिव है या नेगेटिव, बल्कि यह जरूरी है कि वह मुझे आगे बढ़ने का मौका दे।
हर किरदार मेरे लिए खुद को समझने और अपनी सीमाओं को तोड़ने का एक जरिया है। मैं उस जगह से आती हूं जहां सब कुछ एक सपने से शुरू हुआ था, और आज भी सेट पर होना मेरे लिए सबसे सच्चा एहसास है। मैं एक ही छवि तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि मेरा काम मेरे बदलाव, जोखिम लेने की हिम्मत और लगातार आगे बढ़ने की कहानी कहे। दर्शकों से मिल रहे सकारात्मक प्रतिक्रिया के बीच, राशिका अब ऐसे किरदारों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं जो प्रभावशाली, सार्थक और अप्रत्याशित हों।



