श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की तैयारियां परवान चढीं

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नौसर माता मंदिर पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव महाराज ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर दिया महायज्ञ का आमंत्रण।

पुष्कर घाटी नौसर माता मंदिर परिसर में बन रही विशेष यज्ञ शाला
21 कुंडों पर 5 लाख आहुतियां देंगे, श्री सूक्त के 16000 पाठ होंगे
अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन श्री नौसर माता मंदिर में 23 अप्रैल से होने वाले श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की तैयारियां परवान पर हैं। करीब 250 स्क्वायर फीट की विशेष यज्ञ शाला बनाई जा रही है। यज्ञ में 5 लाख आहुतियां दी जाएंगी साथ ही श्री सूक्त के 16000 पाठ होंगे। राष्ट्र व प्रदेश की आर्थिक सम्पन्नता, आरोग्यता व सक्षमता के लिए यह महायज्ञ किया जा रहा है।

मंदिर पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव महाराज के सान्निध्य में होने वाले इस महायज्ञ में बनारस, कोटा और अजमेर के विद्वान अनुष्ठान करवाएंगे। यज्ञ में आचार्य ऋषि के मार्गदर्शन में होगा। करीब 500 किलो शुद्ध देसी घी का उपयोग होगा। एक हजार से अधिक सूखे बिल्व पत्र और यज्ञ सामग्री का उपयोग किया जाएगा।

यज्ञ कुंड की लंबाई 50 फीट, चौड़ाई 50 फीट तथा 30 फीट ऊंचाई रखी जाएगी। इसमें एक प्रधान कुंड, 12 चतुष्क कुंड तथा 8 विशेष कुंड होंगे। यज्ञशाला के चारों ओर ध्वज लगाए जाएंगे। यज्ञशाला में मिट्टी और गोबर का लेपन कर इसे तैयार किया जा रहा है। महायज्ञ में प्रतिदिन कई कार्यक्रम होंगे। कुंडों पर आहुतियां देने वाले यजमान समेत श्रद्धालु परिवार सहित सम्मिलित होंगे।

महायज्ञ की शुरुआत में 23 अप्रेल को गंगा सप्तमी के दिन कलश यात्रा निकाली जाएगी। 24 अप्रेल को बगलामुखी अष्टमी पर आवाहित देव पूजन, अग्नि मंथन के साथ हवन प्रारंभ होगा। 25 अप्रैल को सीता नवमी पर हवन, संत प्रवचन एवं भजन संध्या रखी गई है। 26 अप्रैल को महायज्ञ पूर्णाहुति होगी। संत प्रवचन एवं महाआरती के साथ महायज्ञ का विश्राम होगा। महायज्ञ में अजमेर के अलावा बनारस, लखनऊ, महाराष्ट्र, बड़ोदरा गुजरात, अलवर, जयपुर, इंदौर, मथुरा के यजमान शामिल हो रहे हैं।