नई दिल्ली। चीन से भारत में आने वाले सस्ते मोबाइल कवर आने वाले दिनों में महंगे हो सकते हैं। घरेलू मोबाइल कवर उद्योग की शिकायत पर की गई जांच के बाद वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने चीन से आयातित मोबाइल कवर पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की सिफारिश की है। DGTR ने इस मामले में 24 सितंबर 2026 को अपने अंतिम निष्कर्ष जारी किए हैं।
इस मामले में जांच की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई थी। जांच का विषय चीन में निर्मित या चीन से निर्यात किए जाने वाले मोबाइल कवर थे। घरेलू निर्माताओं की ओर से आरोप लगाया गया था कि चीनी उत्पाद भारतीय बाजार में बहुत कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जिससे देश में मोबाइल कवर बनाने वाली कंपनियों के कारोबार और उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
घरेलू उद्योग की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मोबाइल कवर बनाने वाली भारतीय कंपनियों के संगठन ऑल इंडिया मोबाइल कवर्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की शिकायत के आधार पर इस मामले में व्यापार उपचार प्राधिकरण ने जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब और दस्तावेज मांगे गए। इस प्रक्रिया में हितधारकों की सूची तैयार की गई और अप्रैल 2026 में मामले की मौखिक सुनवाई भी हुई। इसके बाद DGTR ने सितंबर में अंतिम निष्कर्ष जारी किए।
सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों पर असर का दावा
घरेलू उद्योग का कहना था कि चीन से आने वाले मोबाइल कवर कम कीमत पर भारतीय बाजार में उपलब्ध होने के कारण देशी निर्माताओं के लिए प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो रही है। शिकायत में इसे डंपिंग बताते हुए व्यापारिक राहत की मांग की गई थी।
एंटी-डंपिंग जांच का उद्देश्य ऐसे आयात से घरेलू उद्योग को होने वाले नुकसान का आकलन करना होता है। यदि जांच में डंपिंग और उससे घरेलू उद्योग को हुई क्षति के बीच संबंध पाया जाता है, तो संबंधित प्राधिकरण शुल्क लगाने की सिफारिश कर सकता है।
अभी उपभोक्ताओं पर तत्काल असर नहीं
DGTR की सिफारिश का मतलब यह नहीं है कि शुल्क उसी समय लागू हो जाता है। अंतिम रूप से एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला संबंधित सरकारी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसलिए फिलहाल मोबाइल कवर की कीमतों में तत्काल बदलाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यदि सरकार सिफारिश के आधार पर शुल्क लागू करती है, तो चीन से आयातित मोबाइल कवर की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर आयातकों, थोक कारोबारियों और खुदरा बाजार की कीमतों पर पड़ने की संभावना रहेगी।
सरकार के फैसले पर रहेगी नजर
DGTR के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार मोबाइल कवर मामले की जांच अब निष्कर्ष के चरण तक पहुंच चुकी है। विभाग ने इसे चीन से उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वाले मोबाइल कवर से संबंधित एंटी-डंपिंग जांच के रूप में दर्ज किया है।
अब इस मामले में सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शुल्क लागू होने की स्थिति में इसका उद्देश्य भारतीय मोबाइल कवर निर्माताओं को सस्ते आयात से होने वाले नुकसान से बचाना होगा, जबकि आयातकों और कारोबारियों के लिए चीन से आने वाले कवर की लागत बढ़ सकती है।



