कांग्रेस को केवल ‘मियां समुदाय’ का मत मिलेगा : हिमंत बिस्वा सरमा

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गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस को केवल ‘मिया समुदाय’ (बांग्लादेशी मुस्लमानों के लिए उपयोग किया जाने वाला शब्द) के मत मिलेंगे और इस बार असमिया मुसलमानों के कांग्रेस को वोट देने की संभावना नहीं है।

सरमा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि असम की जनता भारतीय जनता पार्टी के साथ है। कांग्रेस ने ‘मियाओं’ को असम आने का निमंत्रण दिया है। भाजपा असम आंदोलन के 855 शहीदों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है। अगर वे मुझे सांप्रदायिक कहते हैं, तो लाचित बोरफुकन भी सांप्रदायिक होंगे। उन्होंने कहा कि वह 17वीं शताब्दी के अहोम साम्राज्य के सेनापति लाचित बोरफुकन की तरह मुगलों को खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें सरायघाट के युद्ध में विशाल मुगल सेना को हराने के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि असम में 26 लाख बीघा जमीन पर बंगाली भाषी मुसलमानों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। हमारी लड़ाई उनके खिलाफ है। हमारा हिंदुओं और मुसलमानों सहित असमिया लोगों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। हम उनके खिलाफ लड़ रहे हैं जो बांग्लादेश से आए और हमारी जमीनों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस को केवल ‘मियांओं’ के वोट मिलेंगे, लेकिन इस समय यह कहना मुश्किल है कि उन्हें कितने प्रतिशत ‘मियां’ वोट मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भाजपा असमिया पहचान को सुरक्षित करने की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए बांग्लादेशी ‘मियांओं’ का तुष्टीकरण कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सांप्रदायिक नहीं है जब कोई बांग्लादेशी लोगों को लाने और उन्हें असम में बसाने की कोशिश करता है? कांग्रेस बांग्लादेशियों का तुष्टीकरण कर रही है, हम नहीं।