देश का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का चर्म रोग संस्थान एसएमएस में तैयार

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जयपुर। राजस्थान में प्रदेशवासियों को जल्द ही राजकीय क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्म रोग चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, इसके लिए सवाई मानसिंह चिकित्सालय जयपुर के चरक भवन में देश का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंस्टीट्यूट आफ डर्मेटोलॉजी बनकर तैयार है, जिसे जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शनिवार को सवाई मानसिंह अस्पताल स्थित इस इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। उन्होंने इस इंस्टीट्यूट काे जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि लंदन के बाद विश्व का यह दूसरा सबसे आधुनिक एवं उत्कृष्ट संस्थान है, जो डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा।

राठौड़ ने बताया कि इस संस्थान में छह प्रकार की अत्याधुनिक लेजर मशीनें जैसे डायोड लेजर और फ्रेक्शनल कॉबर्न डाई ऑक्साइड लेजर, एक्साइमर लेजर, एनडी-याग लेजर एवं अलेकजन ड्राइड लेजर स्थापित किए हैं, जो समस्त प्रकार की जन्मजात कॉस्मेटिक बीमारियों में काम में लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में पीआरपी पद्धति द्वारा बाल उगाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

यहां पर हाइफू मशीन द्वारा स्किन टाइट करके झुर्रियां हटाने का इलाज भी किया जाएगा। लेजर पद्धति द्वारा सफेद दागों और सोरायसिस का इलाज एवं रेडियो फ्रीक्वेंसी एवं कायो द्वारा विभिन्न चर्म रोगों के इलाज की सुविधा भी यहां उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रकार का एडवांस कॉस्मेटिक उपचार, जो निजी कॉस्मेटिक संस्थानों में लाखों रुपये में मिलता है, यहां न्यूनतम दरों पर मिल सकेगा।

इस अवसर पर राठौड़ ने सवाई मानसिंह अस्पताल में नवनिर्मित इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवेस्कुलर साइंसेज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक इस कार्डियक टॉवर का सिविल काम पूरा हो चुका है। उपकरण एवं मशीनें स्थापित करने का काम भी जल्द पूरा कर इसे शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि हृदय रोगियों को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय उपचार सुगमता से मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इसके संचालन के लिए जरूरी शेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करवाएं साथ ही, कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उल्लेखनीय है कि एसएमएस अस्पताल में उच्च स्तरीय हृदय रोग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वेस्कुलर साइंसेज विकसित किया गया है। इसमें 212 बैड, पांच ऑपरेशन थियेटर, पांच कैथलैब, चार ओपीडी काउंटर की सुविधा उपलब्ध होगी।