नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सचिवालय लिपिक सेवा (सीएससीएस) के कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सीएससीएस के कैडर पुनर्गठन के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति समय-समय पर होने वाली कैडर समीक्षा के तहत सेवा संरचना, कार्यभार और प्रशासनिक आवश्यकताओं का आकलन करेगी।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सीएससीएस कैडर की समीक्षा एक नियमित नीतिगत प्रक्रिया है, जिसमें कैडर की वर्तमान संख्या, बदलती प्रशासनिक जरूरतों और कार्यात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्गठन पर निर्णय लिया जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि वित्त मंत्रालय में कार्यरत मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर उपलब्ध हैं। रिक्त पद उपलब्ध होने पर पात्र एमटीएस कर्मचारियों को जूनियर सचिवालय सहायक (जेएसए) के पद पर पदोन्नत किया जाता है, जो केंद्रीय सचिवालय लिपिक सेवा का हिस्सा है।
उत्तर में कहा गया है कि पात्र कर्मचारियों को रिक्तियों के अनुसार नियमित पदोन्नति दी जाती है। यदि किसी कर्मचारी को समय पर पदोन्नति नहीं मिलती है, तो उसे संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (एमएसीपी) योजना के तहत वित्तीय उन्नयन का लाभ दिया जाता है।
सरकार के अनुसार नवगठित समिति कैडर समीक्षा के दौरान सेवा संरचना और पदानुक्रम का परीक्षण करेगी तथा भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक सुधारों पर अपनी सिफारिशें देगी। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केंद्रीय सचिवालय की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ कर्मचारियों के कैरियर विकास को भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।



