जयपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की ओर से राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर जनसंपर्क-लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसंपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की डायरेक्टर एवं डायरेक्टरेट ऑफ एलुमनाई अफेयर्स की हैड प्रोफेसर (डॉ) जयति शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने अपने वक्तव्य में संस्थानों और समाज के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने में जनसंपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समावेशी विकास और जागरूक भागीदारी को सुनिश्चित करता है।
प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ) जीके आसेरी ने अपने कहा कि जनसंपर्क लोकतंत्र को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करता है, जो पारदर्शी संवाद के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाता है। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक का विशेष आशीर्वचन संदेश भी साझा किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों के रूप में मनीष हूजा (डायरेक्टर, पे सिक्योर टेक्नोलॉजी प्रालि, पेवॉल्ट टेक्नोलॉजीज प्रालि एवं स्टार सीपी वेबहॉस्टिंग प्रालि), कविता जोशी (सहायक निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार), जितेंद्र सिंह भाटी (सीईओ, पीपल्स अवेयरनेस नेटवर्क सोसायटी एवं एमिटी एलुमनाई) तथा गजेंद्र सिंह गुर्जर (जनसंपर्क अधिकारी, जयपुर मेट्रो रेल) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सतत भविष्य के लिए सहभागी संचार मॉडलः लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में सामुदायिक सहभागिता और नवाचार विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही, जिसका संचालन एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तनुश्री मुखर्जी द्वारा किया गया।
पैनलिस्ट्स ने सामाजिक समस्याओं के समाधान, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण, तथा पारदर्शी और समावेशी संवाद के माध्यम से जनविश्वास बढ़ाने में सहभागी संचार की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। साथ ही, सरकारी संचार पहलों, जमीनी स्तर के कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जो नीति और जनता के बीच की दूरी को कम करने में सहायक हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों ने भी विशेष आकर्षण बटोरा, जिसमें मतदाता जागरूकता पर आधारित पीआर अभियान और डिजिटल साक्षरताः साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता विषय पर नुक्कड़ नाटक शामिल थे। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह एवं एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन के सहायक प्रोफेसर राजेश शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



