ईरान पूरे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने वाला था, हमनें उसे रोक दिया : ट्रंप

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वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान को पूरे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने से रोक दिया है।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वे पश्चिमी एशिया पर कब्जा करने जा रहे थे और हमने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनके उस फैसले को जाता है, जिसमें उन्होंने ईरानी परमाणु केंद्रों पर हवाई हमले करने का आदेश दिया था। उनका मानना है कि इसी कदम की वजह से ईरान का रास्ता रुका।

अमरीकी राष्ट्रपति ने यह बात तब कही, जब उन्होंने संकेत दिया कि शांति वार्ता का अगला दौर अगले दो दिनों के भीतर पाकिस्तान में शुरू हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर अमरीका ने कदम नहीं उठाया होता, तो ईरान कुछ ही हफ्तों के भीतर पश्चिमी एशिया के देशों पर हमला कर देता। साथ ही उन्होंने एक बार फिर 2015 में ओबामा प्रशासन के समय हुए ईरान परमाणु समझौते की आलोचना भी की।

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पास एक महीने या शायद दो हफ्ते के भीतर परमाणु हथियार होता और वे इसका इस्तेमाल इजराइल और मध्य पूर्व पर करते। वे इसका इस्तेमाल हम पर भी करते। न केवल इजराइल, बल्कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देश भी इसके निशाने पर होते। उन्होंने उन जवाबी हमलों का जिक्र किया जो 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर किए थे।

ट्रंप ने दोहराया कि इन देशों को हमले की उम्मीद नहीं थी, क्योंकि ईरान इन्हीं देशों के पीछे पड़ा था। वे पश्चिमी एशिया को हथियाने वाले थे और हमने उन्हें रोका। अमरीकी राष्ट्रपति ने इस युद्ध के दौरान ईरान को हुए भारी नुकसान का विवरण देते हुए कहा कि वहां के सैन्य और नागरिक ढांचे को इतना नुकसान पहुंचाया गया है कि उसे ठीक होने में दशकों लग जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अगर मैं अभी पीछे हट जाऊं, तो उन्हें अपना देश फिर से खड़ा करने में 20 साल लगेंगे। मुझे लगता है कि वे अब हर हाल में समझौता करना चाहते हैं। जब ट्रंप से अमरीकी अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध के असर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि युद्ध से आर्थिक रफ्तार थोड़ी धीमी होगी। उन्होंने कहा कि असर तो पड़ेगा, लेकिन हम फिर से संभल जाएंगे। उन्होंने वादा किया कि पेट्रोल-डीजल के दाम जल्द ही बहुत कम हो जाएंगे।

दूसरी ओर, अमरीका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले सप्ताहांत बातचीत में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी छोटे-मोटे समझौते के पक्ष में नहीं है। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करे और हमास तथा हिजबुल्लाह जैसे समूहों को मदद देना बंद करे।