नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय-सीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है।
चुनाव आयोग ने रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि यह संशोधन 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानकर किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावों से पहले अधिकतम नागरिकों का नाम जुड़ सके और नामावली में पूर्ण शुद्धता सुनिश्चित हो सके।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान नामावली को शुद्ध एवं अद्यतन रखने की एक महत्वपूर्ण नियमित प्रक्रिया है। 1 जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित करने से इस तारीख या इससे पहले 18 वर्ष पूरे करने वाले सभी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र हो जाएंगे।
एक सप्ताह की इस वृद्धि का उद्देश्य निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को घर-घर सत्यापन तथा मतदान केंद्रों के युक्तीकरण की सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए पर्याप्त समय देना है।
पहले घोषित कई प्रमुख गतिविधियों की समय-सीमाओं को सात दिन आगे बढ़ा दिया गया है। संशोधित कार्यक्रम में गणना पूरी करने, ड्राफ्ट रोल तैयार करने और अद्यतन सूची के अंतिम प्रकाशन की नई तारीखें दी गई हैं।



