वाशिंगटन। अमरीका ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से कुवैत में उसके सैन्य ठिकाने पर किए गए हमले में छह अमरीकी सैनिक मारे गए हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमरीका ने कहा है कि एक मानव रहित विमान प्रणाली ने उसके वायु रक्षा प्रणाली को चकमा देकर पोर्ट शुआइबा में एक बंकर से टकरा गया, जिसके कारण रविवार छह अमरीकी सैनिक मारे गए। पहले अमरीका के सेंट्रल कमांड ने शुरू में कहा था कि हमले में तीन सैनिक मारे गए, लेकिन अधिकारियों ने सोमवार को पुष्टि की कि मरने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। अमरीकी सेना के अनुसार एक व्यक्ति की चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि मलबे में दो और शव मिले।
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने पहली बार अमरीका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद अपने सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। अमरीकी सेना ने मंगलवार को मारे गए चार सैनिकों के नाम उजागर किये गये थे, जिसमें कैप्टन कोडी खोर्क (35), सार्जेंट नोआ टिटजेंस (42), सार्जेंट निकोल अमोर (39) और सार्जेंट डेक्लान कोडी (20) शामिल थे।
अमरीका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को कहा था कि एक ताकतवर हथियार ने एक सामरिक संचालन केंद्र पर हमला किया। ईरान के हमले की सीधी जानकारी रखने वाले तीन अमरीकी सैन्य अधिकारियों ने बीबीसी के अमरीकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को बताया कि कुवैत में मारे गए सैनिकों पर शायद ड्रोन हमला हुआ था। वे एक कामचलाऊ दफ्तर में काम कर रहे थे।
गौरतलब है कि अमरीका के कुवैत के साथ लंबे समय से रक्षा संबंध हैं और इस खाड़ी देश में 13,000 से ज़्यादा अमरीकी सैनिक तैनात हैं। ईरान ने अपने खिलाफ हमलों का जवाब अमरीका के साथ जुड़े खाड़ी देशों पर मिसाइलें हमले करके दिया है। बहरीन, संयुक्त अरब अमीरा, सऊदी अरब, ओमान और कतर सभी देश में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ईरान ने हमले किए हैं। अमरीका ने अगल से पुष्टि की है कि कुवैत में सोमवार को गलती से होने वाली सैन्य आक्रमण की घटना के कारण उसके तीन लड़ाकू विमान मार गिराए गए।



