जालंधर/पटाया। थाईलैंड के पर्यटन शहर पटाया में तीन भारतीय पर्यटकों का कथित अपहरण कर उन्हें बंधक बनाने और उनके परिजनों से 40-40 लाख रुपए की फिरौती मांगने के मामले में थाई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जालंधर निवासी अवतार सिंह समेत पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों भारतीय युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है और पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच जारी है।
इंडियन कम्युनिटी ईस्टर्न थाईलैंड (आइसीई थाईलैंड) के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह और पीआरओ नवदीप सिंह ने बुधवार को यहां जारी बयान में बताया कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में जालंधर (पंजाब) का अवतार सिंह, अमृतसर का जगजीत सिंह और बिहार का रामबालक कुमार शामिल हैं। दो अन्य आरोपियों के नाम अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पुलिस सभी संदिग्धों की भूमिका और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार 27 जुलाई को चोनबुरी इमिग्रेशन पुलिस और पटाया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर नोंग प्रू, बांगलामुंग क्षेत्र के एक दो मंजिला मकान से तीन भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित छुड़ाया। पुलिस के मुताबिक तीनों को दूसरी मंजिल पर अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा गया था। उनके हाथ-पैर बांधे गए थे और शोर न मचा सकें, इसके लिए उनके मुंह पर टेप लगाई गई थी।
मौके से रस्सियां, केबल टाई, टेप और लाल रंग का स्प्रे पेंट सहित कई सामान बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि लाल स्प्रे का इस्तेमाल पीड़ितों को गंभीर रूप से घायल दिखाने के लिए किया जाता था, ताकि उनकी तस्वीरें और वीडियो परिवारों को भेजकर उन्हें डराया जा सके और फिरौती वसूली जा सके।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि वे टूर पैकेज के जरिए 21 जुलाई को थाईलैंड पहुंचे थे। सुवर्णभूमि एयरपोर्ट से उन्हें पटाया ले जाया गया। आरोप है कि होटल में चेक-इन और नाश्ता कराने के बहाने उन्हें एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ितों ने यह भी दावा किया कि इससे पहले एक अन्य भारतीय नागरिक को भी इसी तरह बंधक बनाया गया था, जिसे उसके परिवार द्वारा करीब 30 लाख रुपए देने के बाद छोड़ा गया।
इस मामले में आइसीई थाईलैंड ने स्थानीय पुलिस और थाई अधिकारियों के साथ समन्वय कर पीड़ित भारतीय नागरिकों को सुरक्षित छुड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के नरेश चंद्र, सिंडी और गुरचरणजीत सिंह ने भी सहयोग किया, जबकि पीआरओ टीम के नवदीप सिंह, रविकांत और अमित शर्मा ने समन्वय एवं संपर्क कार्य में सहायता की।
मामले की जानकारी बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास को भी दे दी गई है, ताकि पीड़ित भारतीय नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह गिरोह पहले भी भारतीय या अन्य विदेशी पर्यटकों को इसी तरह निशाना बना चुका है तथा कथित फिरौती की रकम कहां और कैसे इस्तेमाल की गई।
आइसीई थाईलैंड के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अवतार सिंह, जगजीत सिंह, रामबालक कुमार और अन्य गिरफ्तार व्यक्तियों को फिलहाल संदिग्ध/आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
इस अभियान के दौरान चोनबुरी इमिग्रेशन पुलिस के सुपरिंटेंडेंट पुलिस कर्नल नफसफोंग खोसितसूरियामनी, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पुलिस लेफ्टिनेंट कर्नल क्विनवाट अरयासूरीवोंग, पटाया सिटी पुलिस स्टेशन के सुपरिंटेंडेंट पुलिस कर्नल अनेेक सरा थोंगयू तथा जांच शाखा के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पुलिस लेफ्टिनेंट कर्नल अरुत सफानोन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



