बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 17 वर्षीय छात्रा को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए और सोने के जेवर वसूलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एएसआई के बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने छात्रा से दोस्ती करने के बाद उसे धमकाकर करीब एक साल तक अलग-अलग किस्तों में 14.50 लाख रुपए और 450 ग्राम सोने के गहने ले लिए।
सरकंडा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस विभाग में पदस्थ आईएसआई धर्मेंद्र यादव का बेटा आयुष यादव निवासी विवेकानंद नगर, मोपका, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई और आदित्य पांडेय निवासी आरके नगर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपए नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन, मोबाइल फोन और ठगी की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा जब्त की है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को सूचना मिली कि आदर्श शर्मा और एक नाबालिग युवक महंगे होटलों में लगातार फिजूलखर्ची कर रहे हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर हैं। पुलिस ने दोनों को होटल से पकड़कर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता के दादा एसईसीएल के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बीमारी के कारण उन्होंने बैंक खाते, एटीएम और बैंक लॉकर के संचालन की जिम्मेदारी अपनी पोती को सौंप रखी थी। छात्रा ने इन्हीं खातों से चोरी-छिपे पैसे निकाले और लॉकर में रखे गहने आरोपियों को दे दिए।
थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि जनवरी 2025 में छात्रा की पहचान आयुष यादव और उसके साथियों से हुई थी। आरोपियों ने पहले दोस्ती कर छात्रा का विश्वास जीता और बाद में उसे जान से मारने, परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने और सड़क दुर्घटना कराने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक डर के कारण छात्रा ने एसबीआई और सहकारी बैंक के खातों से एटीएम और फोनपे के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में करीब 14.50 लाख रुपए आरोपियों को दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे एक रिसॉर्ट के पास बुलाकर घर के लॉकर से करीब 450 ग्राम सोने के गहने भी मंगवा लिए।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने वसूली गई रकम से नेपाल की यात्रा की और महंगी पार्टियां भी की। पुलिस के अनुसार एक पार्टी में 6 से 10 हजार रुपए तक खर्च किए जाते थे। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और खर्चों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आयुष यादव के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, मारपीट और गुंडागर्दी समेत आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आयुष ने अपने खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में समझौता कराने और मदद का झांसा देकर छात्रा से करीब 2 लाख रुपए भी लिए थे। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रा से मिले सोने-चांदी के गहनों को औने-पौने दाम में गिरवी रख दिया था। पुलिस अब गहनों की बरामदगी और उन्हें गिरवी रखने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस मामले में दो आरोपी प्रियम शर्मा और शौर्य करोलिया अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चों को बैंकिंग और लॉकर जैसी जिम्मेदारियां सौंपने के साथ नियमित निगरानी जरूरी है। वहीं, किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल परिवार और पुलिस को सूचना देना चाहिए।



