अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा

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भुवनेश्वर। ओडिशा में अंगुल की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 21 वर्षीय महिला और एक नाबालिग लड़की के साथ 2024 के अंगुल गैंगरेप मामले में सभी चार आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई है।

अंगुल के अतिरिक्त ज़िला और सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा छह और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत हर दोषी पर जुर्माना भी लगाया। दोषी व्यक्तियों की पहचान जीतू साहू, हृदय चंद्र प्रधान, असित कुमार साहू और दीपू उर्फ दिब्यरंजन अमंत के रूप में की गई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना छह अगस्त 2024 को हुई थी जब अंगुल इलाके में 21 वर्षीय महिला और नाबालिग लड़की को कथित तौर पर ज़बरदस्ती शराब पिलाई गई और फिर उनके साथ गैंगरेप किया गया।

केस दर्ज होने के बाद, अंगुल पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सभी चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया। यह जांच अंगुल के पुलिस अधीक्षक राहुल जैन की देखरेख में सब-इंस्पेक्टर संघमित्रा सतपथी ने की। केस दर्ज होने के 59 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई।

अभियोजन पक्ष ने जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक सबूतों, गवाहों के बयानों और अन्य सहायक साक्ष्यों पर भरोसा किया। सबूतों की जांच के बाद, न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें जुर्माने के साथ 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई।

पुलिस ने कहा कि यह सज़ा तेज़ी से की गई वैज्ञानिक एवं पीड़ित-केंद्रित जांच के कारण संभव हो सकी, जिसमें समय पर चार्जशीट दाखिल करना और मज़बूत फ़ोरेंसिक सबूत भी शामिल थे।