अगरतला। उत्तरी त्रिपुरा में कंचनपुरा के एक आवासीय स्कूल छात्रावास में नाबालिग़ लड़की के साथ यौन शोषण करने के आरोप में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने छात्रावास वार्डन को 20 साल की सख़्त सज़ा और 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
दोषी की पहचान उदय कुमार रेआंग के तौर पर हुई है। धर्मनगर के विशेष न्यायाधीश सुदीप्त चौधरी ने यह फ़ैसला सुनाया और कहा कि अगर वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल की सज़ा काटनी होगी।
अदालत सूत्रों से पता चला है कि लड़की छात्रावास में रहती थी। अभियोजन पक्ष का दावा है कि मामला दर्ज होने से पहले रेआंग उसे बार-बार अलग-अलग कमरों में ले जाता था, जिसमें छात्रावास की रसोई भी शामिल थी और वहाँ उसके साथ यौन शोषण करता था। कंचनपुरा पुलिस ने नवंबर 2022 में छात्रा के माता-पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।



