जयपुर/नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कामकाज पर उपजे विवाद के बाद आया है। दरअसल, सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को तीन पत्र लिखकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
अपनी बैठक में कॉलेजियम ने 31 अगस्त को वर्तमान में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल को पदोन्नत कर राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की। यह सिफारिशें राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा के कामकाज को लेकर न्यायमूर्ति मेहता के लिखे गए तीन पत्रों के सार्वजनिक होने के कुछ ही दिनों बाद आई हैं।
न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति शर्मा पर पक्षपात और कदाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें राजस्थान से स्थानांतरित करने की मांग की थी। उन्होंने उच्च न्यायालय में एक नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का भी अनुरोध किया था, जहां न्यायमूर्ति शर्मा लगभग 10 महीनों से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं।
पत्र सार्वजनिक होने के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बयान जारी कर कहा था कि न्यायमूर्ति मेहता की चिंताओं पर संस्थागत तंत्र के माध्यम से विचार किया जायेगा। उस बैठक में दो अन्य उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी सिफारिश की गई।
गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोग्जे को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है, जबकि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अनुशंसित किया गया है।
एक अलग प्रस्ताव में कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र की सिफारिश का भी जिक्र किया। उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश छह अगस्त को की गई थी, जो वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के चार सितंबर को सेवानिवृत्त होने पर पदभार संभालेंगे।



