नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण राहत देने का निर्णय लिया है।
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, हालांकि यह राहत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी।
गृह विभाग के अनुसार, 29 जुलाई की शाम छह बजे तक दिल्ली पुलिस ने इन विरोध-प्रदर्शनों से संबंधित कुल 13 मामले दर्ज किए थे। सरकार ने बताया कि यह निर्णय 28 जुलाई को उच्चतम न्यायालय के दिए गए निर्देशों तथा सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद लिया गया है।
सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में किसी भी पुलिस प्राधिकरण द्वारा इन प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, हालांकि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें यह संरक्षण नहीं मिलेगा, जैसा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है।
दिल्ली सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि इन मामलों में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार या निरुद्ध किया गया है, तो ऐसे मामलों की तत्काल समीक्षा कर उनकी शीघ्र रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध भविष्य में कोई अतिरिक्त प्रतिकूल कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और इस विषय को आगे किसी अतिरिक्त कार्रवाई के बिना समाप्त माना जाएगा।



