अजमेर। विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए बालकृष्णन को विवेकानन्द केन्द्र की अजमेर शाखा की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई। राष्ट्र-निर्माण, मनुष्य-निर्माण तथा विवेकानन्द विचारों के प्रसार के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले ए बालकृष्णन के महाप्रयाण पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया।
श्रद्धांजलि सभा का शुभारंभ विवेकानन्द केन्द्र के प्रान्त कार्यपद्धति प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीय एवं पंद्रहवें अध्याय के पठन से किया। गीता के श्लोकों के माध्यम से आत्मा की अमरता, जीवन की नश्वरता तथा कर्मयोग के संदेश का स्मरण करते हुए दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके पश्चात विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा-अजमेर के नगर संचालक डॉ. श्याम भूतड़ा ने श्रद्धांजलि प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बालकृष्णन के जीवन, उनके व्यक्तित्व तथा विवेकानन्द केन्द्र के साथ लगभग पांच दशकों तक रहे उनके आत्मीय एवं कर्मनिष्ठ जुड़ाव का उल्लेख करते हुए केन्द्र के विभिन्न सेवा, शिक्षा, संस्कृति एवं राष्ट्र-जागरण संबंधी कार्यों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बालकृष्णन का सम्पूर्ण जीवन स्वामी विवेकानन्द के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रहित के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने ए बालकृष्णन के साथ बिताए गए अपने आत्मीय क्षणों का स्मरण किया और उनके सरल, सहज, कर्मठ एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बालकृष्णन कार्यकर्ताओं के लिए केवल एक संगठनात्मक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि आत्मीय प्रेरणास्रोत भी थे। उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण था।
श्रद्धांजलि सभा में विवेकानन्द केन्द्र के प्रान्त सह प्रमुख अविनाश शर्मा, नगर प्रमुख अंकुर प्रजापति तथा नगर व्यवस्था प्रमुख राकेश यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संचालक खाजूलाल चौहान तथा विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थित होकर ए बालकृष्णन को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी तथा उनके द्वारा प्रदर्शित राष्ट्रसेवा, समाजसेवा और संगठन-निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।



