रेलवे सैनी समाज का रंगारंग होली मिलन : फाग उत्सव में झूमे कर्मचारी और अधिकारी

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अजमेर।
भारतीय रेलवे सैनी (माली) कर्मचारी एवं अधिकारी विकास संस्था, अजमेर मंडल के तत्वावधान में मंगलवार शाम गढ़वाल पैलेस में भव्य होली मिलन एवं फाग महोत्सव का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल रंगों के त्योहार की खुशियों को साझा किया, बल्कि समाज की एकजुटता और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश भी दिया।

समारोह स्थल पर पहुंचते ही अतिथियों और प्रतिभागियों का ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पारंपरिक स्वागत किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत सान्वी सिंगोदिया और प्रीति सैनी द्वारा प्रस्तुत आकर्षक गणेश वंदना से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर जयपुर से पधारे समाज के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र कुमार सैनी, कन्हैया लाल भाटी और हुकुमचंद सैनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले को श्रद्धापूर्वक नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि सैनी समाज का इतिहास सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय रहा है, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी पर है। उन्होंने रेलवे में कार्यरत समाज के कर्मचारियों और अधिकारियों की बड़ी संख्या को समाज की मजबूती का आधार बताया और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त रेलवे कर्मचारियों का विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। उन्हें माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल को युवाओं के मनोबल को बढ़ाने और समाज में उनके योगदान को सराहने के रूप में देखा गया।

इसके बाद फाग उत्सव की शुरुआत हुई, जहां फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली गई। डीजे की मधुर और जोशीली धुनों पर कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन झूमते नजर आए। रंग-बिरंगे परिधानों और गुलाल की खुशबू के बीच सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। पूरा वातावरण आनंद, उल्लास और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा।

इस भव्य आयोजन में लगभग 600 से अधिक रेलवे कर्मचारी, अधिकारी एवं उनके परिवारजन शामिल हुए। कार्यक्रम की सफलता में विरजीत महावर, शशि महावर, विनोद गढ़वाल, मोती सिंह सैनी, अशोक चौहान, अशोक तंवर, अरुण तुनवाल, मुकेश अजमेरा, धर्मपाल सैनी, दिलीप गढ़वाल, मूलचंद सैनी, त्रिलोक सांखला, रोशन सिंगोदिया, प्रदीप कच्छावा, शशिकांत सैनी सहित अनेक समाजबंधुओं की सक्रिय भूमिका रही।