तेहरान/तेलअवीव। अमरीका और इजराइल द्वारा ईरान के तेल रिफाइनरियों और डिपो पर किए गए भीषण हवाई हमलों के कारण राजधानी तेहरान का आकाश रविवार सुबह काले धुएं की मोटी चादर से ढक गया। ईरान ने इजराइल के अलावा कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात पर भी मिसाइलें दागीं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए जिसका करारा जबाव देते हुए ईरान ने कहा कि वह अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देगा।
तेहरान के स्थानीय निवासियों के अनुसार तेल डिपो के जलने से उठा धुआं इतना घना था कि ऐसा लग रहा है मानो सूरज पूरी तरह गायब हो गया हो। तेल डिपो के पास की सड़कों, दुकानों और घरों में बेहद भयावह और डरावनी आग पर काबू पाने के लिए कर्मचारियों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। ईरान ने इन हमलों का जवाब देते हुए कुवैत में पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी की बहुमंजिला सरकारी इमारत को ड्रोन से निशाना बनाया। इस हमले के कारण इमारत में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
गत 28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए हमले में बीते एक सप्ताह में 1200 नागरिकों की मौत हो चुकी है। ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को रविवार को भी निशाना बनाया। कुवैत के सैन्य अधिकारियों के अनुसार ईरानी ड्रोनों ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया। कुवैती वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन मलबे गिरने से हवाई अड्डे के टर्मिनल को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा, कुवैत सिटी स्थित पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी की बहुमंजिला इमारत में भी ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। कुवैती सेना ने बताया कि पिछले 48 घंटों में उन्होंने 12 ड्रोनों और 14 मिसाइलों को सफलतापूर्वक गिरा दिया है।
लेबनान में भी इजराइली हमले निरंतर जारी हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार हालिया संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 394 हो गई है। युद्ध के बढ़ते दायरे और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने से मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
बहरीन में जल संयंत्रों पर हमले की परस्पर विरोध दावों के बीच बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरान नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। बहरीन में एक महत्वपूर्ण समुद्र के पानी को साफ करने वाले संयंत्र को नुकसान पहुंचाने की खबर है। दुबई और अबू धाबी के हवाई अड्डों के पास भी हमले की खबरें हैं।
दुबई के जबेल अली बंदरगाह और एक डेटा सेंटर में आग लगने की सूचना मिली है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद के राजनयिक क्षेत्र की ओर आ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। ओमान और कतर देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों की आवाजाही की पुष्टि की है और एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
इस बीच, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के नाम पर आम सहमति बना ली है। हालांकि, परिषद का कहना है कि नाम की आधिकारिक घोषणा से पहले कुछ बाधाएं अभी बाकी हैं। दूसरी ओर, इजराइली सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि वह खामेनेई के हर संभावित उत्तराधिकारी का पीछा करेगी और उन्हें अपना निशाना बनाएगी।
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित अमरीकी दूतावास के बाहर रविवार तड़के एक विस्फोट हुआ, जिससे इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। नॉर्वे पुलिस के अनुसार स्थानीय समयानुसार आधी रात के बाद करीब एक बजे घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल और आपात सेवाओं को मौके पर भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि वह अमरीकी दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में है और अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किस कारण हुआ या इसमें कौन शामिल हो सकता है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एयर फ़ोर्स वन विमान पर पत्रकारों से कहा कि अमेरिका अभी दबदबे की स्थिति में है, लेकिन अब अमेरिका समझौता नहीं करना चाहता। ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने युद्ध के पहले दो दिनों में जितने मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए थे, अब वे केवल नौ प्रतिशत हमले ही कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने उनके 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है। ईरान के अगले नेता के चयन पर अपनी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा कि हम हर पांच या 10 साल में वापस आकर यह सब नहीं करना चाहते… हम एक ऐसा राष्ट्रपति चुनना चाहते हैं जो अपने देश को युद्ध की ओर न ले जाए।
जब ट्रंप से पूछा गया कि वह ईरान से क्या चाहते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह वह स्थिति है जहां वे हार मान लें या आगे लड़ने के लायक न रहें। इसलिए या तो वे आत्मसमर्पण कर दें या फिर वहां आत्मसमर्पण करने के लिए कोई न बचे। अमरीका के राष्ट्रपति ने अमरीका-इजराइल और ईरान युद्ध में दो विमान-वाहक पोत भेजने पर विचार करने के लिए ब्रिटेन धन्यवाद दिया है और कहा है कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि ईरान पर हमला करने वालों के खिलाफ देश मजबूती से खड़ा है और किसी भी आक्रामकता का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे और भाईचारे वाले संबंध चाहता है। यदि किसी अन्य देश की जमीन से ईरान पर हमला किया जाता है, तो उसे जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



