तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता के एक वरिष्ठ सलाहकार एवं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के पूर्व कमांडर-इन-चीफ मोहसिन रेजाई ने वर्ष 2015 के जेसीपीओए समझौते से अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने का जिक्र करते हुए कहा कि अमरीका के साथ फिलहाल परमाणु पर कोई बातचीत नहीं होगी।
रेजई ने यह भी कहा कि ईरान-अमरीका के बीच बातचीत बंद हो गई है और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप को कदम उठाना चाहिए। ईरानी मीडिया के अनुसार आईआरजीसी के पूर्व प्रमुख ने अमरीका को दोबारा आक्रामकता दिखाने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने फिर से सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना, तो वह एक अंधेरी और अंतहीन सुरंग में प्रवेश कर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर युद्ध और नाकेबंदी जारी रही तो ईरान इस टकराव को फारस की खाड़ी से आगे हिंद महासागर, लाल सागर, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और भूमध्य सागर तक बढ़ा सकता है। रेजाई ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत गतिरोध पर पहुंच गयी है और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करना विश्वास बहाली के लिए एक जरूरी परीक्षा है।
उन्होंने सीएनएन से कहा कि अब गेंद ट्रंप के पाले में है और ईरान के रोके गये फंड को जारी करना विश्वास बहाली के उपाय के रूप में काम करेगा। यह बातचीत आगे बढ़ाने के अमरीका की ख्वाहिश का इम्तिहान भी होगा।



