जेजेएम में हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामलों में 9 आरोपी अरेस्ट

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जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) में हुए हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार अल सुबह नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया।

एसीबी के सूत्रों के अनुसार जेजेएम में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में एसीबी ब्यूरो में दर्ज प्रकरण में अनुसंधान से प्रकट हुए तथ्यों के आधार पर मंगलवार को ब्यूरो की करीब डेढ़ दर्जन टीमों द्वारा अल सुबह जयपुर, बाडमेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली एवं अन्य राज्यों में कार्यवाई करते हुए 9 आरोपियों दिनेश गोयल हाल मुख्य अभियन्ता प्रशासन, केडी गुप्ता हाल मुख्य अभियन्ता ग्रामीण, सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची हाल अति. मुख्य अभियन्ता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय, सुशील शर्मा हाल वितीय सलाहकार अक्षय उर्जा, निरिल कुमार हाल मुख्य अभियन्ता चुरू, विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित, अरुण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत, डी के गौड तत्कालीन मुख्य अभियन्ता एवं तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत, महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त को गिरफ्तार किया गया।

प्रकरण संख्या 145/2024 के अनुसंधान से फर्म मेसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी प्रोपराइटर महेश मित्तल एवं फर्म मेसर्स श्याम ट्यूबवेल कम्पनी प्रोपराइटर पद्मचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लि के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर राजस्थान राज्य में उपरोक्त दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न टेण्डरों में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड रुपए के टेण्डर प्राप्त कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ।

इसके अतिरिक्त पीएचईडी के उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्टस (50 करोड रुपए से ऊपर) की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमों के विरुद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओं की पहचान को उजागर कर टेण्डर पुलिंग करने के फलस्वरूप अप्रत्याशित ऊंचे टेण्डर प्रीमियम प्राप्त हुए, जिनका पीएचईडी के अधिकारियो द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर हजारों करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने के तथ्य अनुसंधान से स्पष्ट हुए।

प्रकरण में त्वरित प्रभावी अनुसंधान के लिए पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया, जिसके द्वारा प्रकरण में तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का गहनता से विश्लेषण किया गया। एसीबी द्वारा पूर्व में जेजेएम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रेप कार्यवाही कर मामला दर्ज कराया था, जिसमें कुल 11 आरोपियों एवं दो फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।