जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया अरेस्ट

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जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री महेश जोशी को करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया।

एसीबी के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने यहां मीडिया को बताया कि जेजेएम में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में एसीबी ब्यूरो में दर्ज प्रकरण में आरोपी महेश जोशी को सुबह जयपुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया जाकर गिरफ्तार किया गया। गुप्ता ने बताया कि एसीबी ने महेश जोशी को अदालत में पेश किया जहां उन्हें 11 मई तक एसीबी की हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रकरण के अनुसंधान से फर्म मेसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी प्रोपराइटर महेश मित्तल और फर्म मेसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी प्रोपराइटर पदमचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तत्कालीन मंत्री महेश जोशी द्वारा विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल एवं आरोपी मुख्य अभियन्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, संवेदकों, अन्य व्यक्ति संजय बडाया एवं अन्य के साथ मिलीभगत कर राज्य में उपरोक्त दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न निविदाओं में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रुपए के टेण्डर प्राप्त कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ।

उन्होंने बताया कि अनुसंधान से यह भी पता चला कि पूर्व मंत्री महेश जोशी द्वारा अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत कर आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्ट (50 करोड़ रुपये से अधिक)की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमों के विरुद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओं की पहचान को उजागर किया और विभाग के अधिकारियों द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करना प्रमाणित पाया गया है तथा इन टेंडर की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रुपए है।

उन्होंने बताया कि प्रकरण में 11 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था और प्रकरण में तीन फरार आरोपियों मुकेश गोयल तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, जितेन्द्र शर्मा तत्कालीन अधिशाषी अभियंता एव संजीव गुप्ता प्राइवेट व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी के लिए स्थायी वारण्ट जारी किए गए हैं और इन तीनों आरोपियों को उद्घोषित अपराधी घोषित कराए जाने आदि की कार्यवाही की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी गत वर्ष अप्रैल में महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह करीब सात महीने जेल में रहे और गत दिसंबर में उन्हें जमानत मिल गई थी।