बेंगलूरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी(केपीसीसी) ने विधान परिषद सदस्य के. अब्दुल जब्बार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
केपीसीसी अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते की गई है।
सूत्रों के अनुसार जब्बार इस सीट से टिकट न मिलने के कारण नाराज थे और उन पर आधिकारिक उम्मीदवार समर्थ मल्लिकार्जुन के बजाय प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों की मदद करने का आरोप है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में भी चुनाव के दौरान अल्पसंख्यक नेतृत्व के एक वर्ग के भीतर सुनियोजित असंतोष की बात सामने आई है।
इस विवाद ने कर्नाटक कांग्रेस के भीतर विशेष रूप से अल्पसंख्यक इकाई में चल रहे गुटीय तनाव और आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। इससे पहले भी टिकट वितरण और निर्णय प्रक्रिया में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जब्बार ने अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने संकेत दिए हैं कि आधिकारिक उम्मीदवार को हराने की आंतरिक साजिश की शिकायतों पर एआईसीसी की रिपोर्ट के आधार पर अभी कुछ और नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।



