झुंझुनूं। भारतीय नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव राजस्थान में झुंझुनूं जिले के ककराना गांव पहुंच गए जहां उनका अंतिम स्ंस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
गुढ़ागौड़जी थाने से सेना के ट्रक में शव गांव पहुंचा। गुढ़ागौड़जी थाने से गांव तक युवकों ने तिरंगा झंडा हाथ में लेकर देश भक्ति के नारे लगाते हुए मोटर साइकिल रैली निकली। पूर्णमल के भाई शव लेने के लिए मुंबई गए थे। उड़ान छूट जाने के कारण शवों को लाने में देरी हुई। सोमवार सुबह शव जयपुर पहुंचा और दोपहर तक गुढ़ागौड़जी थाने पहुंच गया।
पन्द्रह अगस्त को हाई-सिक्योरिटी नेवी नगर (कोलाबा) मुम्बई स्थित सरकारी आवास में नेवी जवान पूरणमल मेहरा (30) फंदे से लटके मिले, जबकि पत्नी ओमा मेहरा (26), तीन वर्षीय पुत्र यश मेहरा और तीन महीने की बालिका का शव कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। पुलिस बच्चों और पत्नी द्वारा जहर खाये जाने या दिए जाने की जांच कर रही है।
नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा के छोटे भाई मुकेश कुमार ने बताया कि पूरणमल मेहरा वर्ष 2015 में जोधपुर से नौसेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2020 में उनकी शादी सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा मेहरा से हुई थी। करीब छह दिन पहले उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद परिवार के लोग पिछले तीन दिन से उन्हें फोन कर रहे थे, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिल रहा था।
बातचीत में यह भी सामने आया कि घटना 14 अगस्त की बताई जा रही थी, जबकि नौसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चारों के शव 15 अगस्त को घर में मिले। पुलिस की आरंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद था। मौके से कोई पत्र बरामद नहीं हुआ है और किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई पुलिस सभी पहलुओं से जांच में जुटी है।


