किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में लव जिहाद मामला
लखनऊ। लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में सामने आए लव जिहाद के मामले में विशाखा कमेटी ने रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक को दोषी पाया है। कमेटी की जांच में फिजिकल, इमोशनल और मेंटल हरासमेंट के आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है और उसके निष्कासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शुक्रवार को परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में प्रेस कांफ्रेंस में विवि की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि डॉक्टर रमीज उद्दीन अभी निलंबित चल रहे हैं। कमेटी की फाइंडिंग के आधार पर उसे निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। सोनिया नित्यानंद ने कहा कि विवि में नीट के जरिये एमबीबीएस में प्रवेश होता है। यह प्रवेश चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दिया जाता है। इसलिए रमीज के निष्कासन की संस्तुति उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग से की है।
विवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो आरएस कुशवाहा ने बताया कि जांच के दौरान रमीज एक बार कमेटी के सामने उपस्थित हुआ, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ जाने लगा। रमीज के पिता ने कमेटी के समक्ष दावा किया कि उनका बेटा शादीशुदा नहीं है। इस दावे की पुष्टि के लिए कमेटी ने हलफनामा मांगा, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं किया गया।
चीफ प्रॉक्टर सुरेश कुशवाहा ने बताया कि पीड़िता की सुरक्षा को देखते हुए 23 तारीख को उसे हॉस्टल में रहने का अनुरोध किया गया था। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गार्ड भी तैनात किए गए थे। पहले तो दो दिन छात्रा के पिता ने भी शिकायत नही दर्ज कराई थी।
विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ मोनिका रानी ने कहा कि जुलाई 2025 में उसे यह जानकारी नहीं थी कि रमीज पहले से शादीशुदा है। सितंबर 2025 में जब उसे सच्चाई का पता चला तो उसने अलग होने का निर्णय लिया, लेकिन आरोपी ने शादी का झांसा देकर मानसिक रूप से ब्लैकमेल करना जारी रखा। आरोप है कि 9 फरवरी 2025 को काजी के माध्यम से शादी कराई गई।
विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ. मोनिका ने बताया कि जांच में आरोपी दोषी पाया गया है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विवि के मीडिया प्रभारी प्रो केके सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच भी जारी है।
गौरतलब है कि पीड़िता केजीएमयू से एमडी पैथोलॉजी कर रही है, जबकि आरोपी डॉक्टर पैथोलॉजी विभाग में सेकंड ईयर का जूनियर रेजिडेंट और उसका सीनियर बताया जा रहा है। 17 दिसंबर को पीड़िता ने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे केजीएमयू के आईसीयू में भर्ती कराया गया। परिजनों के पहुंचने पर पूरा मामला सामने आया और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल व राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी।



