चंद्रपुर। महाराष्ट्र के चर्चित किसान किडनी बिक्री मामले में वांछित दिल्ली के डॉक्टर रविंद्र पाल सिंह ने बुधवार को ब्रह्मपुरी अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डॉ. सिंह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) उनकी तलाश कर रही थी। वह अपने वकील के साथ अदालत में पेश हुए।
यह मामला दिसंबर 2025 में तब सामने आया था, जब चंद्रपुर जिले की ब्रह्मपुरी तहसील के किसान रोशन कुड़े ने कथित तौर पर साहूकारों का कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने का प्रयास किया था। घटना के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया था और किसान को अवैध अंग तस्करी नेटवर्क में धकेले जाने के आरोप लगे थे।
जांच के दौरान पुलिस ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र से छह कथित अवैध साहूकारों को गिरफ्तार किया। बाद में जांच में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत मिलने पर चंडीगढ़ से हिमांशु भारद्वाज और कोल्हापुर से रामकृष्णा सुंचू को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इसके बाद दिल्ली के डॉ. रविंद्र पाल सिंह और डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी के नाम भी कथित अवैध अंग प्रत्यारोपण मामले में शामिल किए। अदालत ने दोनों डॉक्टरों को फरवरी 2026 में एलसीबी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में उनके खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की जानकारी देते हुए अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं।
डॉ. सिंह के आत्मसमर्पण के बाद अब पुलिस को मामले की जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं इस मामले का एक अन्य आरोपी डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी अब भी फरार है।



