ब्यावर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और अमानक उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ब्यावर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट कमल राम मीना ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मैसर्स आदित्य एग्रो इंडस्ट्रीज, ग्राम सोमावास के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए फर्म के 1,860 बैग उर्वरक राजसात करने और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कृषि विभाग की ओर से फर्म के निर्माण परिसर और गोदाम में रखे उर्वरकों के नमूने लिए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला की जांच में उर्वरक निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद फर्म के 1,860 बैग उर्वरक राजसात किए जाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने पर जोर
उर्वरक की गुणवत्ता का सीधा असर फसलों की पैदावार और किसानों की लागत पर पड़ता है। अमानक खाद के इस्तेमाल से फसल उत्पादन प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग और जिला प्रशासन की ओर से उर्वरक निर्माण इकाइयों, गोदामों और विक्रय प्रतिष्ठानों की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को उर्वरक कारोबार में गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



