झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं के यौन अपराध बाल संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम न्यायालय ने एक बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को शुक्रवार को दाेषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ट न्यायाधीश ने 63 वर्षीय अभियुक्त को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि इस मामले को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ में चयनित किया गया था। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मात्र 25 दिनों के भीतर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी पिछले कई महीनों से मासूम बालिका का डरा-धमका कर यौन शोषण कर रहा था। बालिका इतनी भयभीत थी कि उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
उन्होंने बताया कि मामला तब उजागर हुआ जब बालिका की तबीयत बिगड़ी और गर्भपात के कारण उसे रक्तस्राव होने लगा। बालिका ने बताया कि आरोपी ने उसे गर्भपात की गोलियां भी दी थीं। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।



