मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ के रविवारीय मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, नशामुक्ति का लिया संकल्प

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अजमेर। नसीराबाद क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ में रविवार को आयोजित रविवारीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बाबा भैरव और मां कालिका के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं ने नशामुक्ति अभियान में भाग लेकर नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देखने को मिला।

रविवारीय मेले की शुरुआत राजगढ़ ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित सरपंच पूजा रावत के धाम पहुंचने से हुई। उन्होंने बाबा भैरव, मां कालिका और मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर कमेटी की ओर से सरपंच का स्वागत किया गया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह, गणपत सिंह और भोला सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

नशामुक्ति के संदेश के साथ निकली जागरूकता रैली

मेले के दौरान नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज और सरपंच पूजा रावत ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। श्रद्धालु हाथों में नशामुक्ति के संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर चल रहे थे तथा नशे से दूर रहने का आह्वान कर रहे थे।

धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन के अनुसार, चम्पालाल महाराज की प्रेरणा से धाम पर कई वर्षों से नशामुक्ति महाअभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने नशा छोड़ने तथा भविष्य में नशे का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया। कुछ श्रद्धालुओं ने नशीली वस्तुओं का त्याग कर उन्हें महाराज के चरणों में अर्पित किया।

राजगढ़ धाम पर नशामुक्ति को लेकर इस तरह के आयोजन पहले भी होते रहे हैं और मेलों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा नशा छोड़ने का संकल्प लेने की जानकारी सामने आती रही है।

नवरात्रा की अखंड ज्योति से जुड़ी विशेष चिमटी का वितरण

मेले में शारदीय नवरात्रा के घटस्थापना से दशमी तक प्रज्ज्वलित रही अखंड ज्योति से जुड़ी विशेष चिमटी का श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। धाम की परंपरा के अनुसार इसे श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद के रूप में प्रदान किया गया।

नवरात्रा के दौरान राजगढ़ धाम में अखंड ज्योति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई थी। नवरात्रा महोत्सव के समापन अवसर पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर बाबा भैरव और मां कालिका के दर्शन किए थे।

बाल भजन गायक ने बांधा समां

मेले से पहले शनिवार रात और रविवार सुबह सीकर जिले के बाल भजन गायक विरेन सेन ने भजनों की प्रस्तुति दी। जन्म से दृष्टिबाधित विरेन सेन ने अपनी गायन प्रतिभा से बाबा भैरव और मां कालिका के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।

शिक्षा और नशामुक्ति को लेकर चम्पालाल महाराज का संदेश

मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए नशामुक्ति को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है।

उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का आधार बताते हुए कहा कि स्वस्थ और शिक्षित समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वयं नशा छोड़ने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

रैली और मेले की व्यवस्थाओं में रमेश सेन, राहुल सेन, ताराचंद सेन, कैलाश सेन, दिलीप राठी, अजय बुढ़ानिया, सतीश सेन, सत्यनारायण, नवीन और शुभम सहित कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।