नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वायु सेना के एक स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान के इस महीने के शुरू में दुर्घटनाग्रस्त होने की रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा है कि इस विमान को तकनीकी गड़बड़ी का सामना करना पड़ा था और उसे किसी भी तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना नहीं है।
वायु सेना के लिए तेजस बनाने वाले उपक्रम एचएएल ने विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने तथा तेजस विमानों की उडान रोके जाने की मीडिया में आई रिपोर्टों पर सोमवार को स्पष्टीकरण दिया। एच ए एल ने कहा कि एलसीए तेजस के किसी भी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की कोई सूचना नहीं है।
सार्वजनिक उपक्रम ने कहा कि जिस घटना का मीडिया में हवाला दिया जा रहा है वह ज़मीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी। सार्वजनिक उपक्रम ने कहा है कि तेजस का समकालीन लड़ाकू विमानों में विश्व में सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा रिकॉर्ड है और वह इसे बनाये हुए है।
एचएएल ने कहा है कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत इस मुद्दे का गहन विश्लेषण किया जा रहा है और एचएएल त्वरित समाधान के लिए वायु सेना के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ताजा घटना इस महीने के शुरू में वायु सेना के एक प्रमुख एयर बेस पर उस समय हुई जब यह विमान नियमित प्रशिक्षण उडान के बाद रनवे पर उतर रहा था। दुर्घटना में पायलट समय रहते पैराशूट की मदद से बच निकलने में सफल रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह तेजस की तीसरी बड़ी दुर्घटना है पहला तेजस जैसलमेर में एक फायरपावर में हिस्सा लेने के बाद लौटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में भी पायलट पैराशूट की मदद से बच निकला था। दूसरी बड़ी दुर्घटना पिछले वर्ष नवम्बर में दुबई एयर शो में उस समय हुई जब तेजस विमान अपनी करतबबाजी दिखा रहा था। इस दुर्घटना में पायलट की भी मौत हो गयी थी। इस घटना की जांच की जा रही है।
तेजस वायु सेना के लिए देश में ही बनाया गया पहला लड़ाकू विमान है। वायु सेना के लिए तेजस के उन्नत संस्करण तेजस मार्क-1 एके 180 विमानों की खरीद के संबंध में एच ए एल के साथ एक अनुबंध किया गया है। इन विमानों की डिलीवरी की कई समय सीमा पहले ही जा चुकी हैं लेकिन अभी वायु सेना के लिए ये विमान मिलने शुरू नहीं हुए हैं।



