राजस्थान विधानसभा बजट सत्र में विधायकों ने उठाए जनहित के मुद्दे

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा बजट सत्र में गुरुवार को विधायकों ने अपने क्षेत्र एवं जनहित के कई मुद्दे उठाए।

शून्यकाल में विधायक हाकम अली ने स्थगन प्रस्ताव के तहत अपने विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर में बेशकीमती गौशाला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री एवं नामांतरण करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि गौशाला के लिए दान दी हुई 1100 बीघा जमीन को हाल में फर्जी रजिस्ट्री बनाकर उसका दो-तीन घंटों में ही नामांतरण भी खोल दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग कि इस मामले की विशेष समिति बनाकर जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में आस पास लोग धरने पर भी बैठै हैं।

स्थगन प्रस्ताव के तहत विधायक दीनदयाल ने दौसा क्षेत्र में दलितों के मकान नहीं बनने देने के संबंध में सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र से दलितों के मकान तोड़े जा रहे है। उन्होंने एक अधिकारी द्वारा विधायक का अपमान करने का मामला उठाते हुए कहा कि यह सदन के दो सौ विधायकों का अपमान है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एवं सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। जूली ने कहा कि सरकार को अधिकारी के मामले में जवाब देना चाहिए।

विधायक हरीश चौधरी ने भी स्थगन प्रस्ताव के तहत वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण का मुद्दा उठाया और कहा कि खेजड़ी के योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है और सरकार इसके प्रति गंभीर नहीं है। पहले की पीढ़ियों ने खेजड़ी को बचाने के लिए कुर्बानियां दी थी और आज की पीढ़ियों को भी इसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेजड़ी को बचाने के लिए बीकानेर में आंदोलन चल रहा है। खेजड़ी को बचाने के लिए नियम बने। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में खेजड़ी के पेड़ कट रहे हैं और सदन के सभी सदस्यों को मिलकर खेजड़ी को बचाया जाना चाहिए।

विधायक चन्द्रभान सिंह चौहान ने भी शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के तहत उनके चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में कई गांवों में ओलावृष्टि से किसानों की फसल नष्ट होने का मामला उठाते हुए मांग की कि सरकार को किसानों को इसके लिए सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से अफीम डोडे भी नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स विभाग को लिखा जाना चाहिए और अफीम नष्ट की जांच कर उचित मुआवजा और किसानों को अफीम डोडा के दाने लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।

इसके बाद विधायकों ने नियम 295 के तहत भी अपने क्षेत्रों की समस्या एवं जनहित के मुद्दे उठाये और इस दौरान विधायक बहादुर सिंह ने अपने वैर विधानसभा क्षेत्र में एक स्थान पर ट्रोमा सेंटर के निर्माण के बाद उसके संचालन सुचारु करने की मांग की। विधायक श्रवण कुमार ने सिंघाना, भवाना एवं सूरजगढ़ क्षेत्र में जल कुंड निर्माण के लिए 13-13 हजार रुपये जमा कराये गये लेकिन कुंड नहीं बने हैं। उन्होंने मांग की कि लोगों को कुंड बनाकर दिया जाये या उनके जमा पैसा ब्याज सहित वापस लौटाया जाए।

विधायक केसाराम चौधरी ने हाइफा हीरो एवं शहीद दलपत सिंह शेखावत के मूल गांव पाली जिले में देवली-पाबूजी में उनका पैनोरमा बनाने की मांग की। विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने अपने शिव विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्या का मामला उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में पानी की गुणवता में सुधार करते हुए पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए मजबूत एवं ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।

इसी तरह विधायक अनिल कुमार शर्मा प्रदेश में गौ शालाओं की दुदर्शा पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए गौ वंश के लिए अनुदान, संरक्षण एवं संवर्द्धन के निर्देश प्रदान की मांग की। विधायक घनश्याम ने अपने टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों का मामला उठाया और इससे लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने की मांग की।

विधायक हमीर सिंह भायल ने अनुसूचित जनजाति वर्ग को कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए अनुसूचित जाति की तरह आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति को इस आरक्षण से वंचित रखा गया हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों को सिंगल फेस के कनेक्शन जारी करने की मांग की।

इसी तरह विधायक लादूलाल पितलिया ने भीलवाड़ा में अवैध रुप से चल रही मांस मछली की दुकानों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा विधायक राजेन्द्र, संजीव कुमार, हरिमोहन शर्मा, गोविंद प्रसाद एवं पितराम सिंह काला ने भी अपने क्षेत्र एवं जनहित के मुद्दे उठाए।